बरेली। बरेली कॉलेज में सोमवार को एबीवीपी व समाजवादी छात्र-सभा ने प्रदर्शन किया। विभिन्न मुद्दे उठाए। मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। दोनों संगठनों के एक-साथ महाविद्यालय पहुंचने के चलते नोकझोंक की स्थिति भी बनी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कॉलेज परिसर में शौचालयों की साफ-सफाई कराने और परिसर में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। सफाई प्रभारी को निलंबित करने की मांग को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक धरना दिया। कहा कि बारिश के चलते महाविद्यालय में जगह-जगह घास उग आई है। कीड़े-मकोड़ों और सांपों का खतरा है। परिषद ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तत्काल घास कटाई और साफ-सफाई की मांग की है।
पेयजल व्यवस्था, वॉशरूम की सफाई और कक्षाओं की स्वच्छता का मुद्दा भी उठाया। नो व्हीकल जोन को लेकर कार्यवाही सार्वजनिक करने की मांग की। एक सप्ताह के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर कक्षाएं शुरू करने के साथ ही अन्य मुद्दे उठाए। इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री विकास गोला, अरुण सूर्यवंशी व अन्य मौजूद रहे।
समाजवादी छात्रसभा ने वोकेशनल कोर्स की फीस बढ़ाने व नगर निगम टैक्स के नाम पर विद्यार्थियों से 200 रुपये लेने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि कॉलेज की देनदारी छात्रों से किस नियम के तहत वसूली जा रही है। कॉलेज प्रशासन से प्रवेश एजेंसी के साथ हुए कांट्रैक्ट की कॉपी भी मांगी। गलत तरीके से प्रवेश देने को लेकर एजेंसी को प्रतिबंधित करने की मांग की।
उप प्राचार्य वंदना शर्मा ने कहा कि इन विषयों पर अंतिम जवाब प्राचार्य की उपस्थिति में 27 अगस्त को अगली वार्ता में दिया जाएगा। इस दौरान समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष विक्रांत पाल, पूर्व छात्र संघ महामंत्री हृदेश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद फरहान अली व अन्य मौजूद रहे।
इंतजार से परेशान होकर पीटने लगे दरवाजा
एबीवीपी के पदाधिकारी पहले पहुंचे थे। वह करीब डेढ़ घंटे तक धरने पर बैठे रहे। समस्याएं लेकर पहुंचे सछास पदाधिकारी इस दौरान इंतजार करते रहे। इंतजार लंबा होते देख उनका धैर्य भी जवाब देने लगे। कई छात्र विरोध में दरवाजा पीटने लगे। इसके बाद एबीवीपी कार्यकर्ता कक्ष से बाहर निकले। हालांकि, शिक्षकों की सक्रियता के चलते इस दौरान कोई विवाद नहीं हुआ।