संविधान बचाओ संघर्ष समिति के भारत बंद के आह्वान पर विश्वविद्यालय में छात्रनेताओं ने जमकर हंगामा किया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह यादव ने हंगामा करते हुए इंजीनियरिंग के सेशनल एग्जाम बंद करा दिए। हाईवे पर जाम लगाने की भी कोशिश की। बाद में सछासं के हृदेश यादव ने हंगामा करते हुए विभाग बंद करा दिए। इसके चलते न परीक्षाएं हो सकीं और न ही कक्षाएं लगीं।
विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति में 200 बिंदुओं का रोस्टर लाने, पुलवामा आतंकी हमले में मारे गए सीआरपीएफ जवानों को शहीद का दर्जा दिलाने और वनरक्षक आदिवासियों की जंगलों से बेदखली रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। कैंपस में इंजीनियरिंग के सेशनल एग्जाम चल रहे थे।
छात्र जुलूस की शक्ल में विभागों में पहुंचे और एक-एक करके परीक्षाएं बंद करा दी। इस दौरान शिक्षकों से काफी नोकझोंक हुई। हंगामा देखते हुए पुलिस को बुलाया गया। हंगामा ज्यादा न बढ़े इसलिए शिक्षकों ने परीक्षाएं ही स्थगित कर दीं। हालांकि फर्स्ट ईयर के छात्रों ने इसका विरोध जताया। कहा कि हंगामा करना है तो बाहर करें, उनकी परीक्षाएं क्यों हटवाईं।
हंगामा यहीं शांत नहीं हुआ, छात्रनेता मुख्य गेट पर आए और हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने उनको समझाकर सड़क से हटाया। बाद में प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन किया। दोपहर बाद सछासं छात्रनेता हृदेश यादव, गजेंद्र सिंह, अनूप यादव समेत कई पदाधिकारी और सदस्य पहुंच गए। विभाग में चल रही कक्षाएं बंद करा दीं। शिक्षकों ने एतराज जताया, लेकिन छात्रनेताओं ने उनकी नहीं सुनी। बाद में नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन किया।