बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में रील बनाना एक छात्र की जिंदगी पर भारी पड़ गया। रेलवे ट्रैक पर रील बनाने के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। दिवाली से पहले हुए हादसे से उसके परिवार में कोहराम मच गया।
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मोबाइल फोन से रील बनाने के चक्कर में इंटरमीडिएट का छात्र विकास अपनी जान गवां बैठा। बताते हैं कि छात्र ने मोबाइल से वीडियो शूट किया, दूसरी ओर से ट्रेन आ गई और विकास की कटकर मौत हो गई। शनिवार शाम घटना के बाद रविवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। परिजनों ने गांव की श्मशान भूमि पर उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव नदौसी निवासी नरेश कुमार सागर का 18 वर्षीय बेटा विकास सागर इंटरमीडिएट का छात्र था। ग्रामीणों ने बताया कि विकास को रील बनाकर इंस्ट्राग्राम व फेसबुक पर पोस्ट करने का शौक था। वह शनिवार शाम साढ़े पांच बजे अकेले ही गांव के ही पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। बताते हैं कि ट्रैक पर खड़े होकर रील बनाने के लिए विकास ने जैसे ही मोबाइल से वीडियो बनाया, उसी वक्त रामपुर की ओर से काल बनकर ट्रेन आ गई और उसकी मौत हो गई।
दिवाली पर खुशियों की बजाय छाया मातम
जहां एक ओर विकास का परिवार व गांव के लोग धनतेरस और दीपावली की खुशियां मनाने के लिए तैयारी में लगे थे। वहीं इस घटना के बाद परिवार में चीखें गूंजने लगीं। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव का गांव की ही श्मशान भूमि पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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विकास के तीन भाई जसपाल सागर, भूरा सागर, आकाश सागर व चार बहन विमला सागर, मधु सागर, छोटी व रेनू सागर हैं। पिता खेती करते है। परसाखेड़ा चौकी प्रभारी सौरभ यादव का कहना है कि घटना का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। गांव के लोगों ने रील बनाने के दौरान मौत की बात कही है। परिवार ने किसी तरह का आरोप भी नहीं लगाया है।