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विद्यार्थी कच्ची मिट्टी, शिक्षक हैं शिल्पकार : राज्यपाल

Fri, 20 Jan 2017 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Student clay, teacher craftsman: Governor - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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मिनी बाईपास स्थित हार्टमैन कॉलेज के पचास साल पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने विद्यार्थियों को सफलता के मूल मंत्रों का पाठ पढ़ाया। कहा कि विद्यार्थी कच्ची मिट्टी के सामान हैं और शिक्षक शिल्पकार की तरह। उसमें कुशलता गूंथकर ही शिक्षक अच्छी मूर्ति बना सकते हैं। छात्रों को नसीहत दी कि किताबी कीड़ा न बनें। खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाएं।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का कोई धर्म नहीं होता है। पढ़ाई करना, स्कूल का नाम रोशन करना, माता-पिता से ज्ञान लेना ही छात्र धर्म है। रामायण का उदाहरण भी दिया। राम के पुत्र धर्म, लक्ष्मण के बंधु धर्म और सीता के पत्नी धर्म का उदाहरण देकर छात्रों को भी छात्र धर्म निभाने का संदेश दिया। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की लाइन, सपने रात में नहीं दिन में देखो का संदेश भी दिया। इसके अलावा स्वास्थ्य को लेकर सचेत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सूर्य नमस्कार की वजह से ही वह 82 की उम्र में भी फिट हैं। 

चरैवेति चरैवेति का दिया मूल मंत्र
राज्यपाल ने छात्रों को चरैवेति चरैवेति यानी लगातार आगे बढ़ते रहने का मूल मंत्र दिया। हमेशा मुस्कुराते रहो और अपना व्यक्तित्व निखारो। अगर किसी ने अच्छा काम किया तो उसकी प्रशंसा करना भी सीखो। खुद से कभी किसी की तुलना न करो। किसी की भी अवमानना न करो, किसी की निंदा करना विकास में स्पीड ब्रेकर का कार्य करता है। हमेशा कुछ बेहतर करने की सोचे, जो कार्य किया है उससे क्या बेहतर हो सकता है, इस पर निरंतर मंथन करते रहना चाहिए। इन चार मंत्रों के जरिए राज्यपाल ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। 
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बरेली की सड़कों का दर्द भी छलका
राज्यपाल राम नाईक ने बातों ही बातों में बरेली की सड़कों का दर्द भी उकेर दिया। दूसरों की निंदा करने की उन्होंने बरेली की खराब सड़कों के स्पीड ब्रेकर से तुलना कर डाली। कहा कि बरेली की सड़कों पर बड़े-बड़े स्पीड ब्रेकर हैं जो आगे बढ़ने में बाधा बनते हैं। ऐसे स्पीड ब्रेकरों को छात्रों को जीवन से निकालना होगा। 

क्या मैं हिंदी में बोल सकता हूं...
हार्टमैन कॉलेज इंग्लिश मीडियम है। भाषण देने से पहले महामहिम का हिंदी प्रेम भी सामने आया। भाषण शुरू करने से पहले उन्होंने कहा, क्या मैं हिंदी बोल सकता हूं। इसके अलावा अपने भाषण के दौरान भी एक बार कहा कि अगर अंग्रेजी में बोलूंगा तो गलती जरूर करूंगा। बाद में उन्होंने कुछ अंग्रेजी की पंक्तियां बोली बाद में हिंदी में ही अपना भाषण जारी रखा। 

अभिभावकों नहीं मिल सका प्रवेश
राज्यपाल करीब साढ़े ग्यारह बजे हार्टमैन कॉलेज पहुंचे। इसके बाद कॉलेज के गेट बंद कर दिए गए। करीब बारह बजे पहुंचे अभिभावकों और बच्चोें को अंदर जाने से रोक दिया गया। उन्होंने पास भी दिखाए पर पुलिस कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। 
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