बरेली। कागजों में लाल फाटक से बदायूं रोड तक की सड़क (छावनी मार्ग) का निर्माण शत प्रतिशत हो चुका है। मगर, धर्मस्थल स्थानांतरित न होने की वजह से करीब 25 मीटर का हिस्सा अब भी अधूरा है। यहां सड़क ऊंची-नीची होने की वजह से दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं।
इस सड़क का निर्माण 21 अगस्त 2021 को शुरू हुआ था। इस पर 32.85 करोड़ रुपये व्यय हुए। मार्ग का निर्माण पूरा होने का दावा किया गया लेकिन जब हकीकत परखी गई तो एक छोटा सा हिस्सा अधूरा मिला। यहां एक धार्मिक स्थल है। इसे स्थानांतरित किया जाना है।
शुरू में स्थानीय लोगों ने सहमति जताई मगर बाद में विरोध पर उतर आए। इस वजह से धर्मस्थल को नहीं हटाया जा सका। यहां सड़क निर्माण भी नहीं हो सका है। मौके पर एक ओर सड़क का स्तर ऊंचा है और दूसरी ओर नीचे। नतीजा दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं।
प्रतिदिन गुजरते हैं 20 हजार वाहन
इस सड़क से प्रतिदिन करीब 20 हजार वाहन चालक आवागमन करते हैं। अधूरे हिस्से की वजह वाहन चालकों को परेशानी होती है।
छोटे से हिस्से में काम होना है। धर्मस्थल स्थानांतरित न होने की वजह से काम अटका था। लोगों की रजामंदी लेकर काम पूरा कराएंगे, ताकि सफर को रफ्तार मिले। - राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
बातचीत :
मैं इसी सड़क से आता-जाता हूं। सड़क पर मंदिर के पास वाहन असंतुलित हो जाते है। लोग गिरते हैं और चोट खाते है। - सत्यवीर
तेज रफ्तार में जरा सी चूक हो जाए तो हादसे का खतरा रहता है। जो इस मार्ग से पहली बार गुजर रहे होते हैं उनके लिए खतरा अधिक रहता है। - तेजपाल
अमर उजाला ब्यूरो