बरेली। मध्यांचल विद्युत वितरण लिमिटेड के अभियंताओं और कर्मचारियों ने बुधवार से कार्य बहिष्कार कर दिया। सीयूजी नंबर बंद कर लिए। उप खंड अधिकारियों और अवर अभियंताओं के दफ्तर खाली पड़े रहे। इससे न तो फाल्ट अटेंड हुए, न ही उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आपूर्ति प्रभावित रही। इससे उपभोक्ता भी परेशान रहे।
डेलापीर में दोपहर एक बजे आपूर्ति बंद हुई तो तीन बजे तक नहीं आई। परसाखेड़ा 220 केवी उपकेंद्र से किला के 33 केवी उपकेंद्र को आने वाली बिजली लाइन में फाल्ट की वजह से 20 हजार से अधिक उपभोक्ता आधा घंटे तक बिजली के बिना रहे। बहेड़ी डिवीजन के बैरमपुर फीडर के दस गांवों में छह घंटे तक आपूर्ति ठप रही। फरीदपुर के कपूरपुर फीडर के 40 गांवों में दिन में 11 बजे फाल्ट हुआ पर किसी ने अटेंड नहीं किया। हालांकि, चीफ इंजीनियर कार्यालय का कंट्रोल रूम सक्रिय रहा। एसई और चीफ इंजीनियर पल-पल की खबर लेते रहे। जो कर्मचारी संगठन कार्य बहिष्कार में शामिल नहीं हैं, उनके जरिये कुछ स्थानों पर आपूर्ति सुचारू कराई गई।
दिक्कत होने पर कंट्रोल रूम में करें संपर्क
टोल फ्री नंबर-1912
दूरभाष नंबर-0522-2207065
फैक्स नंबर- 0522-4950397 एवं 2208769
जोनल कंट्रोल रूम-0581-2427162
कोट-
शहर में 570 कर्मचारी व अभियंता हैं। इसमें 230 कर्मी और अभियंता काम कर रहे हैं। इन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 107 आईटीआई ट्रेनी की सेवाएं ली जानी हैं।
- विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता
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मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर की सभा
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, जूनियर इंजीनियर्स संगठन, बिजली कर्मचारी संघ, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन और उप्र पॉवर कॉरपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और सदस्य सुबह दस बजे से ही मुख्य अभियंता कार्यालय पर एकत्र होने लगे। प्रबंधन से पुराने समझौते को लागू करने की मांग की। संघर्ष समिति के संयोजक गौरव शर्मा, मोहम्मद अफजल, आकांक्षा सक्सेना, रवींद्र कुमार, रवि कुमार, गौरव शुक्ला ने संबोधित किया। पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमदेव बरतरिया ने आंदोलन को समर्थन दिया। संविदा कर्मचारी संघ से जिलाध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष मुकेश कठेरिया मौजूद रहे।