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मेडिकल कॉलेज में इलाज के साथ डॉ. गौतम के खिलाफ शुरू हुई कड़ी जांच

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आईवीआरआई - फोटो : सोशल नेटवर्क
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नोडल अफसर नवनीत सहगल ने ट्रांसफर के बाद मुरादाबाद जाकर जांच कराने को माना संदिग्ध

बरेली। जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम की रविवार को आईवीआरआई की लैब से भी पॉजिटिव रिपोर्ट जारी हुई लेकिन इस बीच वह और बुरी तरह घिर गए। सीएमओ को कोई भी जानकारी दिए बगैर मुरादाबाद जाकर जांच कराने और पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बावजूद किसी को इसकी भनक न लगने देने का पूरा घटनाक्रम सवालों में घिरा होने की वजह से नोडल अफसर नवनीत सहगल ने सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग को उनके खिलाफ जांच का आदेश दे दिया। डॉ. गौतम के खिलाफ सीएमओ को बगैर सूचना दिए मुख्यालय छोड़ने की भी जांच होगी।
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बतौर जिला सर्विलांस अधिकारी शासन के निर्देशों की लगातार अनदेखी करने के साथ संक्रमण पर नियंत्रण करने के मामले में लापरवाही पर शासन ने चार दिन पहले एसीएमओ डॉ. गौतम का प्रशासनिक आधार पर नोएडा ट्रांसफर कर दिया था। डॉ. गौतम को खुद रिलीव होकर नोएडा में ज्वाइन करना था लेकिन इसके बजाय वह मुरादाबाद चले गए जहां उन्होंने अपनी ट्र्ूनेट जांच कराई और रिपोर्ट के मुताबिक वह कोरोना संक्रमित निकले। बरेली में कोविड का नोडल अफसर होने के बावजूद मुरादाबाद जाकर जांच कराने पर सवाल उठे तो उन्होंने सफाई दी कि जिला अस्पताल में ट्रूनेट किट खत्म हो गई थीं लेकिन सीएमएस डॉ. हर्षवर्धन ने उनका यह दावा यह कहकर खारिज कर दिया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त ट्रूनेट किट हैं और संदिग्ध लोगों की लगातार जांच भी की जा रही हैं। इसके बाद डॉ. गौतम और भी ज्यादा सवालों में घिर गए।
इस बीच यह संदिग्ध घटनाक्रम जिले के दौरे पर आए नोडल अफसर व अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल की जानकारी में आया तो उन्होंने सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग को पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया। लखनऊ लौट रहे सहगल ने फरीदपुर के हरेला गांव में निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच कराकर पता किया जाएगा कि असलियत क्या है। बता दें कि डॉ. गौतम संक्रमित निकलने के बाद शहर के ही एक मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती है।

दो संक्रमित युवाओं की मौत और संदिग्धों की जांच न कराने पर भी घिरे डॉ. गौतम

बरेली। कोरोना के मामलों की अब तक की हिस्ट्री के मुताबिक ऐसे युवाओं की मौत के मामले दुर्लभ हैं जिन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है। जिले में हाल ही में ही ऐसे दो युवाओं की मौत के पीछे भी अब लापरवाही का शक जताया जा रहा है। डॉ. गौतम के खिलाफ इस मामले में भी जांच होगी।
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नोडल अफसर नवनीत सहगल ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना से बढ़ रही मौतों पर शासन बेहद गंभीर है। बरेली में जिस तरह पिछले दिनों संक्रमितों की मौत हुई है, उससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। खासतौर पर दो ऐसे युवकों की मौत जिन्हें कोई बीमारी नहीं थी, यह आशंका पैदा कर रही है कि उनके इलाज में कोई कमी या फिर कोई बड़ी लापरवाही तो नहीं हुई। सहगल ने बताया कि उन्होंने इसकी भी जांच के निर्देश सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग को दे दिए हैं। इसके अलावा आंवला और रामनगर में उनकी निरीक्षण के दौरान यह भी पता चला कि सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना संदिग्ध मिलने के बावजूद तमाम लोगों की न समय से जांच कराई जा रही है और न उनके इलाज का इंतजाम किया जा रहा है। ये मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया है कि वह ऐसे लोगों की 24 घंटे के अंदर जांच कराकर उनका तत्काल इलाज कराए।

सीएमओ ने कहा- डॉ. गौतम कब मुरादाबाद गए, कब लौटे.. पता नहीं

बरेली। कोरोना के दौर में जिला सर्विलांस अधिकारी के उच्चाधिकारियों से मंजूरी लिए बिना मुख्यालय छोड़ने पर शासन ने रोक लगाई हुई है, इसके बावजूद एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम न सिर्फ मुरादाबाद चले गए और वहां जांच में संक्रमित निकलने के बावजूद लौटकर सीधे तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे जहां सैपलिंग प्रक्रिया में भी हिस्सा लिया। सीएमओ को इस पूरे घटनाक्रम का पता नहीं चला।
बताया जा रहा है कि ट्रूनेट जांच में पॉजिटिव पाए जाने जैसी संवेदनशील जानकारी भी एसीएमओ ने सीएमओ से छिपाए रखी। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि एसीएमओ के मुरादाबाद जाकर सैंपल कराने की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। वह कब लौटे यह भी पता नहीं। पोर्टल पर अपलोड रिपोर्ट देखकर ही उन्हें इस बारे में जानकारी मिली।

संक्रमितों की संख्या छिपाने का भी आरोप

एसीएमओ डॉ. गौतम पर संक्रमितों का डाटा छिपाने का भी गंभीर आरोप है। पिछले दिनों कारपोरेट लैब से पॉजिटिव मिले लोगों की जानकारी उन्होंने काफी हंगामे के बाद सार्वजनिक की। इसी तरह सिंधुनगर के कारोबारी, रामपुर के बिल्डर, साहूकारा में बुजुर्ग की मौत समेत कई मामलों में उन्होंने सूचनाएं दबाए रखीं। जखीरा के एक संक्रमित को ग्रीनपार्क का निवासी होने की रिपोर्ट पर उन्हें कानूनी नोटिस तक दिया गया था। एक संक्रमित की अंत्येष्टि के बाद भी एसीएमओ ने उसका शव मॉर्च्युरी में रखे होने का दावा कर दिया था जिस पर सीएमओ ने उन्हें नोटिस दिया। हालांकि एसीएमओ ने अब तक उसका जवाब नहीं दिया।

सहगल ने की कोरोना से मौतों की वजह जानने की कोशिश

बरेली। नवनीत सहगल ने निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कोरोना से लगातार हो रही मौतों की वजह भी जानने की कोशिश की। साथ ही उन्हें अपने यहां आपात स्थिति में कोरोना टेस्ट करने का इंतजाम रखने को भी कहा। यह भी कहा कि वे सुविधाएं भी बढ़ाएं ताकि जरूरत पड़ने पर संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों को भर्ती कराया जा सके।
सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए नोडल अफसर नवनीत सहगल ने कहा कि कोरोना से बरेली में 20 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। इनकी क्या वजह रही हैं और आगे यह क्रम रोकने के लिए क्या तैयारियां हो सकती है।

संक्रमितों के लिए अब पेड वार्ड की भी सुविधा

डीएम नितीश कुमार ने भी रविवार को अपने कैंप कार्यालय में निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीएम ने बताया कि शासन से निर्देश आ गए हैं कि जो मरीज और बेहतर सुविधा चाहता है तो पेड वार्ड की सुविधा भी ले सकता है। डीएम ने अस्पताल वालों से कहा कि जहां मरीजों का इलाज चल रहा है, वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए।
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