बहेड़ी/टांडाछंगा। बहेड़ी इलाके में आवारा कुत्ते फिर खूंखार हो गए हैं। इस बार सियाठेरी गांव में दस साल के बच्चे को शिकार बना डाला। वह दोस्तों के साथ बेर तोड़ने जंगल गया था। वहां कुत्तों का झुंड उस पर झपट पड़ा। इस घटना में गांव में दहशत है।
गांव के राजेंद्र प्रसाद का बेटा अमित दोपहर करीब एक बजे अपने दोस्त शिवम और मुकेश के साथ जंगल में गया था। अचानक आवारा कुत्तों का झुंड आ गया। शिवम पेड़ पर चढ़ा था। कुत्तों को आते देख मुकेश पास की झाड़ियों में जा छिपा जबकि अमित ने जान बचाने के लिए दौड़ लगा दी। लेकिन थोड़ी दूर जाने पर ही कुत्तों ने उसे नोंच डाला। उसके सिर, गर्दन और पेट पर जख्म हो गए। यह देख दोनों साथियों की चीख निकल आई। खेतों में काम रहे लोग दौड़कर पहुंचे तो कुत्ते अमित को खींचकर झाड़ियों की तरफ ले जा रहे थे। किसी तरह डंडे फटकारकर कुत्तों को भगाया गया। गांव के डॉक्टर के पास ले जाने पर अमित को मृत घोषित कर दिया गया। इससे गांव में कोहराम मच गया। अमित के पिता और भाई बहन बेहोश हो गए।
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कुत्ते पकड़ने का अभियान कागजों में ही चला
बहेड़ी। इलाके में दो साल में 12 से भी ज्यादा बच्चों को कुत्ते निवाला बना चुके हैं। पिछले साल ही करीब आठ बच्चों की जान ले ली थी। हंगामा और प्रदर्शन के बाद प्रशासन की आंख खुली तो वन विभाग और नगर पालिका की टीमों को आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए लगाया था। लेकिन इस अभियान की भी महज रस्म अदायगी की गई।
जहां-तहां फेंक दिए जाते हैं मांस के टुकड़े
बहेड़ी। मांस के टुकड़े और मृत पशुओं को जहां-तहां फेंकने का सिलसिला जारी है। कुत्तों के खूंखार होने का एक कारण यह भी है। ग्रामीण इलाकों में नगर पालिका और टाऊन एरिया की टीमें मांस के अवशिष्ट फेंक रहे हैं। मृत पशुओं को भी सड़क किनारे फेंका जा रहा है। पिछले साल एसडीएम ने पालिका व टाऊन एरिया से कहा था कि मांस के अपशिष्ट जमीन में दफन किए जाएं लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया।
मुझे घटना की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कल ही वन विभाग और नगर पालिका से इस बारे में बात की जाएगी।
-पारस नाथ मौर्या एसडीएम बहेड़ी।