मई 2023 में अयान और रोहनी पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। इससे दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई, कुछ कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की गई, लेकिन घटनाएं नहीं रुकीं। अप्रैल 2023 के बाद हुई घटनाओं में पांच दिन के अंदर ही हिना, जीशान, वेदप्रकाश, विष्णु आदि को कुत्तों ने जख्मी कर दिया था।
शहर के इन इलाकों में कुत्तों का आतंक
तमाम घटनाओं के बावजूद शहर में जगह-जगह आपको कुत्तों के झुंड दिख जाएंगे। इनका आतंक केवल सीवीगंज तक ही सीमित नहीं, बल्कि संजयनगर, सुभाषनगर, कुतुबखाना, रोहली पुराना शहर, बाकरगंज टोला, आदि इलाकों में भी है। नगर निगम अब तक परसाखेड़ा में बनकर तैयार एनिमल वर्थ कंट्रोल सेंटर का संचालन शुरू नहीं करा सका है।
शहरवासियों को बेसहारा पशुओं के आतंक से भी निजात नहीं मिल पा रही है। शहर की सभी सड़कों और चौराहों पर दिन-रात आपको गोवंशीय पशुओं का झुंड डेरा जमाए दिख जाएगा। सुभाषनगर थाने के पास, बदायूं रोड, पीलीभीत रोड पर अक्सर गोवंश मंडराते रहते हैं। घने कोहरे के दौरान अक्सर इनकी वजह से हादसे होते रहते हैं।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिन मोहल्लों से शिकायत आती है, वहां टीम भेजकर कुत्तों को पकड़वाया जा रहा है।