ट्रेन करना और मसीत स्टेशन के बीच किमी संख्या 1161/13 पर पहुंची थी। इसी दौरान अराजक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। ट्रेन पूरी रफ्तार में थी। गनीमत रही कि ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। कोई रेल यात्री जख्मी नहीं हुआ। पत्थर लगने से इंजन का लुक आउट ग्लास टूट गया।
दो कोच के ग्लास को भी नुकसान पहुंचा है। इंजन के लुक आउट ग्लास का कांच लगने से सहायक लोको पायलट राहुल भट्ट मामूली जख्मी हो गए। पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल को दी। ट्रेन करीब 1:20 घंटा देरी से रात करीब आठ बजे शाहजहांपुर स्टेशन पहुंची।
रोजा में दूसरा इंजन न होने की वजह से ट्रेन को इसी इंजन के साथ आगे रवाना किया गया है। इससे पहले 15 अगस्त 2017 को इसी तरह बरेली-बनारस एक्सप्रेस पर पथराव हुआ था। इंजन का लुक आउट ग्लास टूटने से लोको पायलट जीके मिश्रा को एक आंख खोनी पड़ गई थी।