मोहनपुर ठिरिया का अवैध स्लॉटर हाउस को टूटने से बचाने के लिए भीड़ ने कश्मीरी पत्थरबाजों के अंदाज में पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव किया तो पुलिस-प्रशासन की टीम ने भी उन्हें रोकने के लिए मेजर गोगोई के उस फार्मूले का इस्तेमाल किया जो उन्होंने कश्मीर में चुनाव के दौरान निर्वाचन टीम को बचाने के लिए एक पत्थरबाज को उसकी जीप के आगे बांधकर किया था। ठिरिया में भी पुलिस ने दो पत्थरबाजों को पकड़ने के बाद पहले तो उनकी जमकर पिटाई की और फिर अपना सुरक्षा कवच बना लिया। अधिकारियों ने इन दोनों को भीड़ के आगे रखा, जिसके बाद पत्थरबाजों को पथराव रोकना पड़ा। इसके बाद पांच घंटे लगातार कार्रवाई कर अवैध स्लॉटर हाउस को ढहा दिया गया।
स्लॉटर हाउस पर जेसीबी चलनी शुरू हुई तो कुछ ही देर में मोहनपुर-ठिरिया का एक गुट सैकड़ों की भीड़ लेकर वहां पहुंच गया। ईंट-पत्थर लेकर पुलिस पर हमलावर हुई भीड़ इस कदर आक्रामक हो गई कि अधिकारियों और पुलिस को पीछे हटना पड़ा। जेसीबी को भी स्लॉटर हाउस से बाहर निकाल लिया गया। दूसरे थानों का फोर्स आने के बाद पुलिस की हिम्मत कुछ बढ़ी और स्लॉटर हाउस के चारों ओर घेरा बनाकर जेसीबी दोबारा चलवाई गई। मगर एक बार अधिकारियों को खदेड़ चुके पत्थरबाजों के हौसले इतने बढ़े हुए थे कि वे ईंट-पत्थर लेकर हंगामा करते हुए दोबारा पहुंच गए। मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी की गाड़ी तोड़ने और पत्थरबाजी को लेकर खिसियाए अधिकारियों ने दोबारा उन्हें मौका नहीं दिया। पुलिस ने पत्थरबाजों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और दो पत्थरबाजों को पकड़ भी लिया। इनमें से एक पत्थरबाज कम उम्र का भी था। आक्रामक भीड़ को सबक सिखाने के लिए अधिकारियों और पुलिस ने उसके सामने ही दोनों पत्थरबाजों की जमकर धुनाई की। यह देखकर पत्थरबाजों के हौसले पस्त होने लगे। पुलिस इतने पर ही नहीं रुकी, पत्थरबाजों को थाने भेजने के बजाय पर वहीं खुले में बैठा लिया। इसके बाद जब भी उपद्रवी आगे बढ़े, पुलिस ने पकड़े गए पत्थरबाजों को उसके आगे कर दिया। आखिरकार पत्थरबाजी पहले कम हुई और फिर बंद हो गई।
जेसीबी चलाने से पहले डाला गया चूना
स्लॉटर हाउस को ढहाने के लिए जब अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची तो बहुत बदबू आ रही थी। इस पर अधिकारियों ने अपनी नाक बंद कर ली फिर वहां काफी चूना डलवाया गया और जब बदबू कम हुई तो अधिकारी खड़े रह सके।
तेज कार्रवाई के लिए मंगाई एक और जेसीबी
बवाल के बीच एक जेसीबी स्लॉटर हाउस को तोड़ने के लिए अपर्याप्त हो रही थी। अधिकारी चाहते थे कि दिन भर में स्लॉटर हाउस हर हालत में टूट जाए और वे लोग अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हों। इसके बाद फिर एक और जेसीबी मंगाकर उसे ध्वस्त किया गया।
फोर्स आने के बाद की गई सख्ती
मौके पर मौजूद एसओ कैंट विजय पाल सिंह ने बवाल की सूचना दी तो एएसपी अशोक कुमार मीणा फोर्स लेकर पहुंचे। इसके बाद बिथरी चैनपुर, सुभाषनगर, कोतवाली, क्यूआरटी समेत कई थानों की पुलिस वहां पहुंच गई। एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण भी वहां पहुंचे और फिर सख्ती से कार्रवाई की गई।
सुरक्षाघेरा बनाकर गांव में ही किया कैद
स्लॉटर हाउस ढहाने गई टीम पर दो बार पथराव होने के बाद अधिकारियों ने उसके चारों ओर करीब सौ मीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बना दिया। मोहनपुर ठिरिया से उधर आने वाले हर रास्ते पर फोर्स तैनात कर लोगों के उधर आने पर रोक लगा दी गई और फिर स्लॉटर हाउस को ध्वस्त कर दिया।