इस तरह पकड़ में आया काला कारोबार
औषधि निरीक्षक अनामिका जैन ने बताया कि तीन सितंबर को जब टीम बाबा ट्रांसपोर्ट पर पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद था। थोड़ी देर बाद ट्रांसपोर्ट खुला। सुबह 11 बजे एक व्यक्ति चार पेटियों में दवाएं लेकर वहां पहुंचा तो टीम ने उसे दबोच लिया। हैप्पी मेडिकोज के मालिक सुनील को कॉल कर मौके पर बुलाया।
सहायक आयुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इनपुट के आधार पर 16 फर्मों की जांच की गई है। सभी के प्रतिष्ठान से संदिग्ध दवाएं बरामद हुई हैं। इन दवाओं को सूचीबद्ध कर उन्हें जब्त (बिक्री प्रतिबंधित) किया गया है। नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।