इज्जतनगर मंडल के स्टेशन मास्टरों को ओवरटाइम की सुविधा फिर से मिल गई है। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने चार साल लड़ाई लड़ी। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने बजट जारी कर दस सालों का ओवर टाइम स्टेशन मास्टरों के खातों में भेजने का आदेश दिया है।
नरमू के यूनियन कार्यालय पर केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने बताया कि 2007 के चुनाव में नरमू के हारने पर इज्जतनगर मंडल ने स्टेशन मास्टरों का ओवरटाइम बंद कर दिया था, लेकिन दूसरी यूनियन पीआरएसएस ने इसकी बहाली के लिए कोई पहल नहीं की। मंडल में स्टेशन मास्टरों के सौ पद खाली हैं। लिहाजा स्टेशन मास्टरों से आठ के बजाय दस घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है। इससे रेल की संरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। मंडल अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने बताया कि 2014 में दोबारा सत्ता में आने पर नरमू ने स्टेशन मास्टरों के ओवरटाइम के लिए लड़ाई लड़नी शुरू की। मार्च के वेतन के साथ सभी स्टेशन मास्टरों के खाते में ओवरटाइम का रुपया भेज दिया गया है। इस मौके पर स्टेशन मास्टर भूपेंद्र शर्मा, अभय कुमार, अनिल द्विवेदी, पीके चतुर्वेदी, एनएन ठाकुर के अलावा जगवीर सिंह, रोहित कुमार, नूतन प्रकाश, रईस अहमद आदि मौजूद रहे। अंत में स्टेशन मास्टरों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।