लखनऊ से मेरठ जा रही अप लाइन की राज्यरानी एक्सप्रेस पीतांबरपुर के स्टेशन मास्टर की चूक की वजह से हादसे की शिकार हो गई। रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेट मैन को समय रहते उसे बंद करने का संदेश नहीं दिया गया। खुली क्रॉसिंग पर राज्यरानी गुजरी और हादसा हो गया। यह हादसा होने के बाद बरेली डिवीजन ही नहीं, पूरे मुरादाबाद मंडल हड़कंप मच गया। स्टेशन मास्टर सुकांत कुमार और गेट मैन मोहम्मद यासीन को सस्पेंड कर दिया गया है। हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई, साथ ही पीतांबरपुर के सभी दस्तावेज भी सील कर दिए गए। जीआरपी ने स्टेशन मास्टर और गेट मैन का मेडिकल भी कराया है। मुरादाबाद मंडल के एडीआरएम संजीव मिश्र ने पहुंचकर दुर्घटना का जायजा लिया।
रेल सूत्रों के मुताबिक पीतांबरपुर के स्टेशन मास्टर दो दिन पहले छुट्टी पर गए थे। उनकी अनुपस्थिति में स्टेशन मास्टर सुकांत बहोरिया को पीतांबरपुर का प्रभार दिया गया था। बुधवार शाम को पीतांबरपुर स्टेशन पर वहीं ड्यूटी पर थे। गौसगंज रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गैट मेन मोहम्मद यासीन ने अधिकारियों को दिए बयान मेें बताया कि उसको क्रॉसिंग बंद करने के लिए स्टेशन से लाइन नहीं दी गई। अगर लाइन मिलती तो क्रॉसिंग का बूम गिराकर वह रेड सिग्नल ऑन कर देता। एडीआरएम संजीव मिश्रा ने भी गैटमेन से हादसे के बाद बात की। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी जोगेंद्र कुमार, एसडीएम फरीदपुर सहित जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई।
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इंजन की एक लाइट भी थी खराब.. पायलट टैंकर देखता भी कैसे
200 मीटर की दृश्यता भी नहीं थी हादसे के वक्त
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
सिर्फ बूढ़ी रेल पटरी ही नहीं बल्कि बदहाल इंजन भी हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं। जिस लोको इंजन से पेट्रोल और डीजल से भरा टैंकर टकराया, उसकी एक लाइट जल ही नहीं कर रही थी। हादसे के बाद शुरुआती जांच में यह चूक भी सामने आई। लोको पायलट की मानें तो एक लाइट से रेल पथ पर 200 मीटर दूरी का दृश्य भी नजर नहीं आ रहा था। शाम होने के बाद धुंध भी छा चुकी थी। लिहाजा क्रॉसिंग से गुजर रहे टैंकर उन्हें नजर नहीं आए।
लोको पायलट मुकुंद लाल के मुताबिक शाहजहांपुर से चलने के बाद बरेली के आगे रेलवे ने 75 किमी प्रति घंटा की रफ्तार का कॉशन लगा है। पीतांबरपुर के पास ट्र्रेन करीब 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पटरी पर दौड़ रही थी। क्रॉसिंग का सिग्नल मिला था, लेकिन उन्हें नहीं पता चला कि बूम डाउन नहीं किया गया था। अचानक टैंकर के सामने आने के बाद हार्न देते हुए उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, लेकिन ट्रेन रफ्तार में होने की वजह से हादसा बचाया नहीं जा सका। उन्होंने बताया कि एक टैंकर निकल चुका था।
असिस्टेंट लोको पायलट बृजेश मौर्य के मुताबिक हादसे में लोको इंजन भी क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके बाद शाहजहांपुर से पॉवर इंजन को मंगाकर ट्रेन से जोड़ा गया। ट्रेन को रसुइया तक खींचकर लाया गया। यहां नई पावर की मदद से ट्रेन को मेरठ की तरफ रवाना किया जा सका।
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बमुश्किल बेपटरी होने से बचाई ट्रेन
इंजन से टकराने के बाद टैंकर की बी वन कोच से भी हुई भिड़ंत
तीन डिब्बे भी क्षतिग्रस्त, धमाका हुआ तो यात्रियों में मची चीखपुकार
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बुधवार शाम पीतांबरपुर स्टेशन से आगे गौसगंज क्रॉसिंग पर टैंकर से जबरदस्त टक्कर के बाद कोच डी वन से टकराया था, जिससे ट्रेन को जोरदार झटका लगा। लोको पायलट की मानें तो बमुश्किल ट्रेन को संभाला जा सका, वरना ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर जाते और यह बड़े हादसे में तब्दील हो जाती।
दरअसल, आईओसी आंवला से फरीदपुर के मलपुर के लिए दो टैंकर चले थे। क्रॉसिंग से बुधवार शाम 6.20 बजे एक टैंकर गुजर चुका था। टैंकर ड्राइवर ने भी स्पीड बढ़ा दी, लेकिन टैंकर का पीछे का बंपर इंजन की चपेट में आ गया। नब्बे किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर दौड़ रही ट्रेन से टकराते हुए टैंकर हवा में घूम गया और फिर ट्रेन में दोबारा टकराया। टैंकर इस बार कोच डी वन से टकराया था। इससे ट्रेन के तीन डिब्बे मामूली क्षतिग्रस्त हो गए। अंदर यात्रियों में चीख पुकार मच गई।
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टाइम लाइन ---
6.20 रेलवे क्रॉसिंग से टैंकर गुजर रहे थे।
6.25 टैंकर राज्यरानी के इंजन से टकराया
6.35 रेलवे क्रॉसिंग से 200 मीटर आगे जाकर बमुश्किल ट्रेन रुकी
7.10 मौके पर पुलिस और एंबुलेंस पहुंची
7.25 घायलों को अस्पताल रवाना किया गया
7.35 क्रेन से ट्रेन को खाली कराने की कोशिश शुरू
8.00 डीएम और एसएसपी सहित अन्य अधिकारी पहुंचे
8.36 डाउन लाइन पर श्रमजीवी को निकाला गया
9.02 अपलाइन को क्लियर करके राज्यरानी को रवाना किया गया
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गनीमत रही कि आग नहीं लगी
इंजन से चिंगारी और बोगी के पहियों से निकलने लगा धुआं
बरेली। हादसे के बाद इंजन से चिंगारी निकलने लगी थी। इंजन के साथ लगी बोगी के पहियों से धुआं उठ रहा था। अधिकारी मानते हैं कि चिंगारी से अगर ज्वलनशील पदार्थ आग पकड़ लेते तो बड़ा हादसा हो जाता। शुक्र था कि पेट्रोल और डीजल से भरा टैंकर पूरी तरह फट नहीं गया। इलेक्ट्रिक लाइन पर हुए हादसे के बाद बिजली की लाइनों पर शट डाउन करा दिया गया, जिसकी वजह से श्रमजीवी, फैजाबाद एक्सप्रेस, बरेली रोजा पैसेंजर सहित सहित दर्जनों ट्रेनों को शाहजहांपुर वाया बरेली से लेकर मुरादाबाद तक अप और डाउन लाइन पर खड़ा कर दिया गया। कई जगह से यात्रियों के हंगामे की सूचना मिली। गौसगंज समपार से लेकर लाइनों पर पेट्रोल फ ैल गया था। क्रेन की मदद से टैंकर को हटा दिया गया, लेकिन तेल फैल जाने से ट्रेनों का खतरा बना हुआ था। श्रमजीवी एक्सप्रेस को निकालने से पहले रेल पथ पर बालू डालकर सुरक्षित करने की कोशिश की गई। ढाई घंटे बाद रेल यातायात दोबारा शुरू किया जा सका।
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छह महीने में दूसरी बार हादसे की शिकार हुई राज्यरानी
रामपुर के पास आठ डिब्बे हुए थे बेपटरी
ब्यूरो
बरेली। रेल पटरी पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। छह महीने में राज्यरानी का यह दूसरा हादसा है। इससे पहले 15 अप्रैल को रामपुर के पास राज्यरानी एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। बुधवार को राज्यरानी के हादसे के बाद लोगों के जेहन में रामपुर वाला हादसा ताजा हो गया। गौसगंज समपार पर भी तीन साल पहले ऐसा ही हादसा हो चुका है। उस वक्त बरेली से चलकर लखनऊ जा रही किसान एक्सप्रेस की चपेट मेें बालू रेता लदा हुआ ट्रक आया था। इस हादसे में भी समपार खुला छूट गया था। समपार बंद नहीं होने से बुधवार को भी ऐसा ही हादसा हो गया। इसके अतिरिक्त मुरादाबाद मंडल में पहली मई को हापुड़ के पास दिल्ली फैजाबाद एक्सप्रेस भी बेपटरी हो गई थी।