आरोप है कि शनिवार को थानाध्यक्ष ने सिपाहियों को घर भेजकर उसे थाने बुलाया। तीन से चार घंटे तक थाने में उसे बैठाए रखा। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति के जरिये 10 लाख रुपये देने की मांग की। रुपये न देने पर एनकाउंटर करने की धमकी दी गई।
विजयवीर ने बताया कि धमकी से उसका परिवार डरा हुआ है। पीड़ित ने एसएसपी से सुरक्षा दिलवाने की मांग की। मामले में थानाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि रंगदारी मांगने का आरोप निराधार है। जमीन बंटवारे का विवाद है। लेखपाल से पैमाइश करने को कहा गया है।