जानलेवा है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टायफस का बुखार खतरनाक जीवाणु रिक्टेशिय (संक्रमित माइट पिस्सू) के काटने से फैलता है। यह जीवाणु लंबी घास व झाड़ियों में रहने वाले चूहे, छछूंदर के शरीर पर रहने वाले पिस्सुओं में पनपते हैं। इन पिस्सुओं के काटने से यह बीमारी होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रहे रैबीज क्लीनिक के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में चूहे, छछूंदर काटने के मामले बढ़े हैं। लिहाजा, एहतियात बरतने की जरूरत है।
लैब पहुंचेगी टीम, खंगालेगी दस्तावेज
लैब में स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर बीमारी की जांच से पहले आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लैब से कॉपी लेकर उसके परिवार से संपर्क करेगी। बीमारी की वजह, इलाज आदि खंगालेगी। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास का कहना है कि युवक में स्क्रब टाइफस मिलने की सूचना मिली है हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं है। सोमवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी टीम जुटाएगी।
क्या होता है स्क्रब टायफस
स्क्रब टाइफस एक बीमारी है जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है। जो संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से फैलता है। इसे बुश टाइफस भी कहते हैं। ये वेक्टर जनित बीमारी है। जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम, कार्डियो वस्कुलर सिस्टम, गुर्दे, सांस से जुड़ी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को प्रभावित करता है। कई मामलों में मल्टी आर्गन फेल्योर से रोगी की मौत भी हो सकती है।