ठगों में एक वार्ड ब्यॉय का नाम भी आया सामने, रुपये ट्रांसफर होने के सबूत मिले
बरेली। 300 बेड अस्पताल में करीब 50 लोगों से भर्ती कराने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए गए थे। इस मामले में रविवार को सीओ प्रथम दिलीप सिंह ने 44 पीड़ितों के बयान दर्ज कर रुपये ट्रांसफर करने संबंधी सबूत जुटाए। सोमवार को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे पीलीभीत में थाना सुनगढ़ी के मोहल्ला तुलाराम निवासी सोमेश कश्यप समेत तमाम लोगों ने 300 बेड अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की थी। आरोप था कि जिला महिला अस्पताल के क्लर्क, उसके ड्राइवर, सीएमओ ऑफिस के क्लर्क और एक अन्य ने वर्ष 2018 में नए बन रहे 300 बेड अस्पताल में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। बताया था कि कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, सुपरवाइजर, लैब टेक्नीशियन, ड्राइवर, जीएनएम, वार्ड आया और वार्ड ब्वॉय के पदों पर सीएमओ ऑफिस से भर्ती होनी हैं। पांच लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से मामला तय हुआ। आरोपियों ने तीन-तीन लाख रुपये एडवांस ले लिए। बकाया दो-दो लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने थे। वर्ष 2019 में उन लोगों को जिला अस्पताल में मेडिकल कराकर फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए गए, लेकिन ज्वाइनिंग के लिए जाने पर फर्जीवाड़ा खुल गया।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के आदेश पर सीओ प्रथम दिलीप सिंह ने रविवार को 44 पीड़ितों के बयान दर्ज किए। इस दौरान पीड़ितों ने बताया कि ज्यादातर रुपये नकद दिए गए थे। कुछ रुपये यूपीआई और अकाउंट में भी ट्रांसफर किए गए लेकिन आरोपी क्लर्क ने ये रुपये अपने खाते में न मंगाकर ड्राइवर के खाते में मंगाए थे। उन लोगों ने रुपये ट्रांसफर संबंधी सबूत भी सीओ को सौंपे। इस दौरान यह भी सामने आया कि जिन लोगों पर ठगी का आरोप है, उनमें से एक जिला अस्पताल का वार्ड ब्यॉय भी है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
बाहरी पर ठीकरा फोड़ने की तैयारी
इस मामले में जिला महिला अस्पताल और सीएमओ ऑफिस के बाबू के अलावा वार्ड ब्यॉय समेत चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं। मगर आरोपियों ने सारा लेनदेन बाहरी व्यक्ति के बैंक खाते में किया है, इसे महिला अस्पताल के बाबू का ड्राइवर बताया जा रहा है। अस्पताल में भी चर्चा है कि बाबुओं ने पूरा प्लान बनाकर बाहरी व्यक्ति को मोहरा बनाया, ताकि मामला खुलने पर भी वे न फंसें।
पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। रुपये ट्रांसफर होने के सबूत भी जुटाए हैं। सोमवार को जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी जाएगी। - दिलीप सिंह, सीओ प्रथम