शाहजहांपुर में बुजुर्ग मां की भूख और बीमारी से मौत की सूचना मिलने के बाद भी टीटीई बेटा सोमवार देर शाम तक शाहजहांपुर नहीं पहुंचा। मोबाइल पर साथी रेलकर्मियों से बात की और अप त्रिवेणी एक्सप्रेस से दोपहर तक शाहजहांपुर पहुंचने की बात कहकर गुमराह किया।
वृद्धा के परिवार का अन्य कोई सदस्य या नाते-रिश्तेदार भी नहीं आया। पोस्टमार्टम के बाद दूसरे दिन भी शव मोर्चरी में रखा रहा। मूल रूप से लखनऊ के आलमबाग के रहने वाले सलिल चौधरी की तैनाती शाहजहांपुर स्टेशन पर बतौर टीटीई 2005 में हुई थी।
ढका ताल स्थित रेल कॉलोनी के क्वार्टर में वह अपनी 87 वर्षीय मां लीलावती के साथ रहता था। बताते हैं कि सलिल के पिता रामशेर एमएलसी रहे हैं। उनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। शराब पीने का आदी सलिल करीब दो माह से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है।
टीटीई सलिल चौधरी के साथी रेल कर्मी उसके मोबाइल पर लगातार कॉल करते रहे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसने नरमू पदाधिकारी सुनील तिवारी की मोबाइल कॉल रिसीव की।