बरेली। द क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट-2010 की अनदेखी कर रहे निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने की है। अस्पतालों के पंजीकरण का नवीनीकरण पांच वर्ष के लिए करने से पहले मानक परखे जाएंगे। पंजीकरण अधिकारी डॉ. लईक अंसारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, शासन ने 50 से कम बेड वाले निजी अस्पतालों का पंजीकरण का नवीनीकरण अब पांच वर्ष के लिए करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस नवीनीकरण के लिए शासन की ओर से निर्धारित शर्तों का सौ फीसदी अनुपालन अनिवार्य है। लिहाजा, निजी अस्पतालों में पंजीकरण, नवीनीकरण के साथ ही नियमानुसार मानकों की जांच की जाएगी।
नोडल अफसर डॉ. लईक अंसारी के मुताबिक, शासन से जारी अस्पताल के नए पंजीकरण के लिए पीले रंग के डिस्प्ले बोर्ड पर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं को काले रंग से प्रदर्शित करना जरूरी है। बोर्ड करीब 15 फुट का होना चाहिए। इस पर अस्पताल संचालक का नाम, बेड की संख्या, इलाज की पद्धति, नियमित, अस्थायी डॉक्टरों के नाम, पैरामेडिकल स्टाफ समेत अन्य जानकारियां देनी अनिवार्य हैं।
बताया कि पूर्व में पंजीकृत अस्पतालों के पंजीकरण का नवीनीकरण पांच साल के बाद करने के लिए नया पोर्टल लांच हो रहा है। डॉ. लईक के मुताबिक, द क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट- 2010 के तहत सुविधाओं को परखा जाएगा। 50 से कम बेड वाले अस्पतालों की जांच शुरू होगी। ब्यूरो