यहां भी उदासीन रहे सिरोही
चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह सिरोही ने आयुध अधिनियम, जुआ अधिनियम और वाहनों की जब्ती संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की। 110जी और 34 पुलिस अधिनियम के तहत उनके द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। इन सभी लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता को देखते हुए कार्रवाई की गई है। एसएसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि अगर अभ्यस्त अपराधी अपराध करता है तो जहां का रहने वाला है, वहां के चौकी प्रभारी या हल्का दरोगा की लापरवाही मानी जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर अजय साहू की वजह से फंसे
अजय साहू का नाम 15 जनवरी को थाना बारादरी क्षेत्र में हुई मोबाइल फोन और पर्स छीनने की घटना में सामने आया था। इसमें उसे जेल भेजा गया था। बाद में थाना इज्जतनगर क्षेत्र में हुई एक अन्य छिनैती की घटना में भी अजय साहू का नाम प्रकाश में आया। सिरोही की लापरवाही के कारण ऐसे अपराधी पर समय रहते लगाम नहीं लगाई जा सकी।
बरेली की महिला ने फंसाया
करीब तीन साल पहले राजेंद्र सिरोही पीलीभीत के घुंघचई थाने में प्रभारी थे। तब बरेली एसएसपी प्रभाकर चौधरी थे। बरेली की ही एक महिला ने उनके पास जाकर राजेंद्र सिरोही के खिलाफ शिकायत की। आरोप लगाया कि सिरोही उससे वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतें करते हैं। इसका वीडियो प्रमाण भी दिया। तब एसएसपी ने सिरोही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी, साथ ही पीलीभीत एसपी को रिपोर्ट भेजी और सिरोही को निलंबित कर दिया गया।