मुकदमे में फंसाने की दी थी धमकी
आरोप है कि उन्होंने 10 हजार रुपये न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। हंगामा होता देख लोग जुट गए। दिव्यांग से अभद्रता होती देख उन्होंने विरोध किया। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को समझाकर शांत किया। इसके बाद वह दरोगा को साथ लेकर गांव से चले गए।
शिकायत के बाद एसएसपी ने जांच कराई। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि प्राथमिक जांच में दरोगा की भूमिका संदिग्ध मिली है। इस आधार पर ही कार्रवाई की गई है। विस्तृत जांच सीओ बहेड़ी कर रहे हैं।