उन्होंने कल्लू को रिमांड पर तो लिया लेकिन कुछ बरामदगी नहीं दिखा सके। उसी वक्त एसएसपी ने सीओ फरीदपुर को विभागीय जांच के आदेश दे दिए थे। एसपी देहात इसकी निगरानी कर रहे थे। अब दोषी मिलने पर दरोगा अपसार मियां, भुता थाने के ड्राइवर मुख्य आरक्षी सुरेंद्र सिंह और फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी देख रहे एलआईयू के मुख्य आरक्षी रजबुल हुसैन को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने निलंबित कर दिया है।
सर्विलांस ने खोला पुलिस से कनेक्शन का खेल
कल्लू से दोस्ती निभाने वाले दरोगा ने विवेचना में हर कदम पर उसका बचाव किया। इसके बदले कल्लू इन पर खूब पैसा खर्च करता था। इसके साथ ही ड्राइवर सुरेंद्र सिंह पुलिस की दबिश से पहले ही सूचना दे देता था। एलआईयू का दीवान रजबुल फतेहगंज पश्चिमी से लेकर भुता तक की गोपनीय सूचनाएं देने और पुलिस से सेटिंग कराने में मदद करता था।
सर्विलांस कॉल और मेसेज के जरिये इन संबंधों की पुष्टि हुई। दरअसल कल्लू का मोबाइल देखने के बाद पुलिस को इस जुड़ाव का अहसास हो गया था। बाद में इन आरोपों की तस्दीक कर ली गई। कल्लू ने जब कोर्ट में सरेंडर कर दिया तो ये लोग उसके भांजे व रिश्तेदारों के संपर्क में आ गए थे। उन्हें कानूनी बचाव की सलाह देकर तरीके बताते थे। उनकी कॉल भी ट्रेस कर ली गईं।
नौ करोड़ की संपत्ति हो चुकी है सील
कल्लू पर करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पिछले साल कल्लू की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया था। उसकी करीब नौ करोड़ की संपत्ति सील कर दी गई। कल्लू की पत्नी इमराना बेगम फिलहाल फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि शाहिद उर्फ कल्लू पर कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हो चुकी है। फिलहाल वह जेल में है। कल्लू की मदद करने वालों में तीन पुलिसकर्मी चिह्नित कर कार्रवाई की गई है। पुलिस कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहना चाहिए। वरना उन पर कार्रवाई की जाएगी।