बरेली। पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले के लिए विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने से शहर के खेलप्रेमी निराश हैं। उनका कहना है कि फोगाट अगर प्रतियोगिता से बाहर न होतीं तो वह इस ओलंपिक में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलातीं। इससे देश की उम्मीदें टूट गईं। बातचीत के दौरान खिलाड़ियों व कुश्ती संघ के पदाधिकारियों ने निराशा जाहिर की। संवाद
विनेश फोगाट का स्वर्ण पदक तय हो गया था, लेकिन ओवरवेट होने की वजह से वह अयोग्य घोषित कर दी गईं। हम उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।- हरीश पाल, अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ
सेमीफाइनल मुकाबले में क्यूबा की पहलवान को हराकर विनेश ने देश को गौरवान्वित किया है। अधिक वजन के कारण उनको फाइनल मुकाबले के लिए अयोग्य घोषित किया जाना दुखद है। - योगेंद्र जाट, सचिव जिला कुश्ती संघ
विनेश ने परिजनों से स्वर्ण पदक जीतने का वादा किया था, लेकिन वह अयोग्य घोषित कर दी गईं। इससे शहर के खिलाड़ियों में निराशा है। खिलाड़ी उनको स्वर्ण पदक जीतते देखना चाहते थे। - सुनील यादव, कुश्ती खिलाड़ी