बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इन दिनों मनमानी चल रही है। पिछले दिनों 45वीं अंतर महाविद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता को कई बार टालने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। इस दौरान एथलेटिक्स ट्रैक बनाने के नाम पर विश्वविद्यालय के लाखों रुपये बेवजह खर्च भी गए, पर अब तक ट्रैक बनकर तैयार नहीं हो सका है। अब कागजों पर टीम मनमाने ढंग से तैयार कर इसे दो जनवरी से मंगलूरू में होने वाली 45वीं अंतर विश्वविद्यालयी एथलेटिक प्रतियोगिता में भेजा जा रहा है।
दरअसल, पिछले दिनों विश्वविद्यालय में 45वीं विश्वविद्यालय स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन होना था, जिसे विश्वविद्यालय का खेल ग्राउंड तैयार ना होने के चलते निरस्त कर दिया गया, जिसके चलते विश्वविद्यालय की काफी किरकिरी भी हुई। विश्वविद्यालय में एथलेटिक्स का सिंथेटिक ट्रैक बनाने को लेकर सरकार से सात करोड़ का बजट मिला था। ट्रैक बनाने का काम जून में ही पूरा हो जाना था। पर इसमें देरी होती गई। बाद में इस ग्राउंड पर दीक्षांत समारोह समेत कई कार्यक्रमों के आयोजन का बहाना कर इसका निर्माण लटकाया जाता रहा। बाद में एथलेटिक प्रतियोगिता के लिए वीसी आवास के पास एक नया ट्रैक बनाने की बात कही गई, जिसे बनाने क े लिए करीब पांच लाख रुपये का बजट भी रखा गया। यह ट्रैक भी नहीं बन पाया और खेल रद्द भी कर दिए गए। उधर, इसके चलते विश्वविद्यालय की टीम बनने पर भी ग्रहण आ गया।
बाद में विश्वविद्यालय की ओर से सभी महाविद्यालयों से खिलाड़ियों की एथलेटिक टाइमिंग मंगाई गई, जिसके आधार पर अब गिने चुने छात्रों को बुलाकर विश्वविद्यालय टीम बना ली गई। इस प्रक्रिया से चयनित टीम मंगलूरू में कैसा प्रदर्शन करेगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
सभी महाविद्यालयों के खिलाड़ियों का टाइम शेड्यूल मांगा गया था। इसी के आधार पर हाल ही में खिलाड़ियों का चयन किया गया है। इसमें पांच लड़कियों और एक लड़के को चयनित कर विश्वविद्यालय की एथलेटिक्स टीम बनाई गई है। विश्वविद्यालय ने अपना आवेदन मंगलूरू भेज दिया है।
- प्रो. ए.के जेतली, खेल अधिकारी विवि