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खिलाड़ियो! दौड़ते वक्त फेफड़ों को बचाना.. मास्क जरूर लगाना

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बरेली। अगर धूल-मिट्टी से एलर्जी है और विश्वविद्यालय की 45वीं एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दौड़ने से पहले मास्क का इंतजाम कर लें। रुहेलखंड विश्वविद्यालय इस बार भी खिलाड़ियों को खेत में दौड़ाने की तैयारी में है। जिस खेत जैसी जमीन को मैदान बताकर प्रतियोगिता कराने की तैयारी की जा रही है, उस पर फिलहाल धूल के गुबार उठ रहे हैं।
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45वीं अंतर महाविद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए विश्वविद्यालय ने 23 से 25 नवंबर की संभावित तिथि घोषित की है। इसके लिए कुलपति आवास के बराबर में खेत जोतकर मैदान तैयार कराया जा रहा है। मैदान को तैयार करने के लिए यहां पूरे दिन धूल-मिट्टी उड़ रही है जबकि स्मॉग के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सड़कों की मरम्मत तक का काम तक बंद करा दिया है। इसके बावजूद मैदान तैयार करने वाले कर्मचारी यहां पानी डालकर काम करने के बजाय धूल उड़ा रहे हैं, इससे आसपास के आवासों में रहने वाले कर्मचारियों के परिवार परेशान हैं। वहीं, कच्चा मैदान उन खिलाड़ियों के लिए भी मुसीबत बनेगा, जिन्हें धूल-मिट्टी से एलजी है। ऐसे में इन खिलाड़ियों को धूल-मिट्टी से बचने के लिए यहां मास्क लगाकर दौड़ना पड़ेगा। दिसंबर तक तैयार हो पाएगा सिंथेटिक ट्रैक विश्वविद्यालय के स्टेडियम में सात करोड़ से बन रहा है ट्रैक
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सिंथेटिक ट्रैक बनाने का काम तेजी से जारी है। अब यहां कोलतार की सड़क बनाने का काम शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर तक सिंथेटिक ट्रैक बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में करीब छह महीने पहले सिंथेटिक ट्रैक बनाने का शुरू हुआ था। सात करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ट्रैक का काम अब तेजी से होने लगा है। पिछले तीन-चार दिन से यहां कोलतार की सड़क बनाने का काम हो रहा है। आधी से ज्यादा सड़क बन भी चुकी है। यह सड़क पूरी होने के बाद इस पर सिंथेटिक शीट लगाई जाएगी और फिनिशिंग का काम होगा। काम की तेज रफ्तार को देखकर दिसंबर तक इसके पूरे होने का दावा किया जा रहा है। हमारा सिंथेटिक ट्रैक दिसंबर तक तैयार हो पाएगा, इसलिए इस बार कच्चे मैदान में एथलेटिक्स प्रतियोगिता होगी। मैदान तैयार कराया जा रहा है, धूल-मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए पानी डलवा दिया जाएगा। - प्रोफेसर एके जैतली, क्रीड़ा सचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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