बरेली। खेलकूद के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये का बजट बर्बाद होने के बावजूद डिग्री कॉलेजों से खेल प्रतिभाएं नहीं निकल पा रही हैं। बुधवार को बरेली कॉलेज में होने वाली महिलाओं की अंतर महाविद्यालयी हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए मंगलवार तक सिर्फ दो कॉलेजों ने संपर्क किया है। अगर यही हाल रहा तो एक ही मैच से मंडल चैंपियन का निर्धारण हो जाएगा। हालांकि मेजबान कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बुधवार को आयोजन से पहले कुछ टीमें बढ़ जाएंगी।
बरेली और मुरादाबाद मंडल में रुहेलखंड विश्वविद्यालय से 500 से ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं। हर कॉलेज में खेलकूद का लाखों रुपये का बजट निर्धारित होता है। मगर डिग्री कॉलेज खेल प्रतिभाओं को सुविधाएं देकर उन्हें निखारने के बजाय बजट के बंदरबांट में लगे रहते हैं, जिसके चलते अधिकांश कॉलेज में खेल और खिलाड़ी उपेक्षित रह जाते हैं। यही वजह है कि विश्वविद्यालय स्तर पर हर साल करोड़ों रुपये बर्बाद होने के बावजूद यहां से खिलाड़ी नहीं निकल पा रहे हैं। इन दिनों एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) की खेल प्रतियोगिताएं चल रही हैं। इसके तहत बुधवार को सुबह दस बजे से बरेली कॉलेज में महिलाओं का अंतर महाविद्यालयी हैंडबाल टूर्नामेंट है। कॉलेज के प्राचार्य एवं क्रीड़ा प्रभारी डॉ. अनुराग मोहन के मुताबिक मंगलवार शाम तक सिर्फ दो कॉलेजों ने अपनी टीमें भेजने के लिए संपर्क किया है। हालांकि उनका कहना है कि कई बार टीमें सीधे टूर्नामेंट में पहुंचती हैं और बुधवार तक निश्चित ही इनकी संख्या बढ़ जाएगी।