बरेली। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज दिखाने पहुंचे डिप्टी सीएमओ को आर्थो सर्जन ने गेट आउट कहकर सबके बीच जमकर अपमानित किया। उन्होंने डिप्टी सीएमओ को पहचानने तक से इंकार कर दिया और लाइन में लगने के लिए कहा। वह अपने साथ सीएमओ ऑफिस के ही एक कर्मचारी को दिखाने ले गए थे। जब सीएमओ ऑफिस के कर्मचारियों का इस मामले की सूचना मिली तो उन्होंने काम बंदकर हंगामा शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ी कि सीएमओ को सीएमएस आफिस पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया। हंगामे की जड़ बने आर्थो सर्जन डॉ. केएस गुप्ता पहले भी कई बार विवाद में रह चुके हैं।
सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक त्रिवेणी प्रसाद कनौजिया की बाइक महानगर में टकरा गई थी जिससे उनके पैर में चोट आ गई थी। घर न जाकर वह सीधे कार्यालय पहुंच गए। पैर में सूजन आने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र उन्हें लेकर सीधे ओपीडी पहुंचे। पर्चा बनवाया और डॉ. केएस गुप्ता के कमरे में चले गए। डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि उन्हाेंने डॉ. गुप्ता को अपना परिचय दिया और कर्मचारी की स्थिति बताई, इसके बावजूद उन्होंने पहचानने से इंकार करते हुए अपने कक्ष से बाहर निकाल दिया और लाइन से आने को कहा। फ्रैक्चर के कारण त्रिवेणी प्रसाद का दर्द बढ़ा तो वह सीधे एक्सरे कराने पहुंच गए और वहां से प्राइवेट अस्पताल में डॉ. रवि मेहरा को दिखाया। डॉ. मेहरा ने त्रिवेणी प्रसाद के प्लास्टर चढ़ाया और फीस नहीं ली। सीएमओ आफिस के डॉक्टर व कर्मचारियों को जब इस मामले की जानकारी हुई तो वे भड़क गए। सीएमएस डॉ. परवीन जहां से मिलने सभी डिप्टी सीएमओ व एसीएमओ के साथ सीएमओ डॉ. विजय यादव भी गए। चिकित्सा अधिकारियों का कहना था कि हर बार डॉ. केएस गुप्ता की अभद्रता बर्दाश्त की गई है। उनका कहना है कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो सभी शुक्रवार से हड़ताल पर जाएंगे।
आमने... सामने
मैं अपने कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक को ओपीडी दिखाने पहुंचा था। उनके पैर में चोट लगी थी। मैंने डॉ. गुप्ता को अपना परिचय दिया और कर्मचारी की स्थिति बताई, इसके बावजूद उन्होंने पहचानने से इंकार करते हुए अपने कक्ष से बाहर निकाल दिया और कहा भीड़ नहीं दिखती, लाइन में आओ।
.... डॉ. रमेश चंद्र, डिप्टी सीएमओ
‘मेरे पास एक व्यक्ति आया और उसने वहीं पर्चा फाड़ दिया। बाद में बाबू आया जिसे मै जानता नहीं था। उस समय मैं एक बुजुर्ग को देख रहा था तो मैंने दो मिनट इंतजार करने को कहा। इतनी देर में वह चला गया। मेरे पास कोई डिप्टी सीएमओ नहीं आए। सब मनगढ़ंत बातें हैं। कोई इसे प्रायोजित कर रहा है।
डॉ. केएस गुप्ता, ऑर्थो सर्जन
- एक साथ करते हैं विकलांग बोर्ड फिर भी नहीं पहचाना
डॉ. आलोक चंद्र व डॉ. मनोहर लाल ने कहा कि डॉ. रमेश चंद्र हर गुरुवार को विकलांग बोर्ड में बैठते हैं। इसमें आर्थो सर्जन डॉ. केएस गुप्ता भी शामिल होते हैं लेकिन फिर भी उन्हाेंने पहचानने से इंकार कर दिया।
- मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने भी एडी हेल्थ से की शिकायत
यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने एडी हेल्थ को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष सुधाकर शर्मा का कहना है कि पिछली बार डॉ. गुप्ता ने कनिष्ठ लिपिक कुंवर सेन से भी अभद्रता की थी, लेकिन तब किसी ने कुछ नहीं कहा।
- विवादित रहे हैं डॉक्टर
डॉ. केएस गुप्ता का विवादों से नाता रहा है। कई बार शिकायतें सीएमएस तक पहुंचती हैं, लेकिन उसको वहीं सुलझा दिया जाता है। विशेष सचिव से प्लास्टर की शिकायत पर भी डॉ. गुप्ता पर आरोप लगे थे। प्रधान और पार्षद ने भी कई बार शिकायतें की हैं।
‘चिकित्सक और कर्मचारी काफी नाराज हैं। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। शासन को भी स्थिति से अवगत कराया जाएगा। कई बार शिकायतें आ चुकी हैं।’
डॉ. विजय यादव, सीएमओ