गणपति उत्सव की शहर मेें जोरदार तैयारी की गई हैं। सोमवार से धूम धाम के साथ जगह-जगह श्री गणेश महोत्सव शुरू हो रहा है। इसमें मुख्य रूप से रथ यात्रा, गणेश महाराज स्वागत यात्रा व लड्डू यात्रा होगी। मूर्ति स्थापना व पूजन सहित अनेक कार्यक्रम भी होंगे।
इस कड़ी में पहले दिन श्री गणेश उत्सव समिति की ओर से सिविल लाइंस स्थित श्री हनुमान मंदिर से झांकियों के साथ रथ यात्रा दोपहर 12 बजे निकाली जाएगी, जो परंपरागत मार्गों से होती हुई टीबरीनाथ मंदिर पहुंच कर विश्राम करेगी।
श्री शिव शक्ति दुर्गा जी धाम मंदिर की ओर से बिहारीपुर खत्रियान में गणेशोत्सव शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत श्री गणेश महाराज की स्वागत यात्रा से होगी। जो जिला पंचायत से अपराह्न दो बजे चल कर बिहारीपुर खत्रियान पहुंचेगी। यहीं पर बने पंडाल में रात्रि 8 बजे पूजन के साथ मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
हिंदू जागरण एकता समिति की ओर से श्री गणेश चतुर्थी पर एक कुंतल 75 किलोग्राम लड्डू की शोभा यात्रा बैंड बाजों के साथ निकाली जाएगी। जो किला क्षेत्र के रेती मोहल्ला चौराहे सायं 6 बजे शुरू हो कर सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर पहुंचेगी। यहां पर गणेश जी को लड्डू का भोग लगाया जाएगा। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या और प्रश्नोत्तरी के कार्यक्रम होंगे। तत्पश्चात रात्रि 9.30 बजे महाआरती होगी।
श्री गणेश महोत्सव समिति की ओर से शाहबाद दीवानखाना स्थित श्री विभूतिनाथ मंदिर में श्री गणेश चतुर्थी का आयोजन मूर्ति स्थापना व पूजन से किया जाएगा। इसमें 11 सिंतबर तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। गणेश महोत्सव आयोजन प्रबंध समिति की ओर से दो दिवसीय गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। सोमवार को भगवान श्री गणेश की मूर्ति, कलश स्थापना व पूजन सायं 6 बजे होगा। इसके बाद लड्डू यात्रा निकाली जाएगी।
बाबा श्री नीलकंठ मंदिर एवं मां गंगा बचाओ वेलफेयर सोसाइटी की ओर से गंगा, गो, बेटी, पर्यावरण बचाओ-देश बचाओ को समर्पित दो दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव राजेंद्र नगर स्थित बाबा श्री नीलकंठ मंदिर प्रांगण में मनाया जाएगा। बाबा श्री तपेश्वर नाथ सेवा दल की ओर से श्री गणेश चतुर्थी का पांच दिवसीय कार्यक्रम में सोमवार को भजन संध्या होगी।
गणेश जी की स्थापना देगी शुभ फल
बरेली। चतुर्थी पर गणेशोत्सव इस बार कुछ खास है। यह सिद्धिकारक योगाें में पड़ रहा है। चतुर्थी तिथि सोमवार सूर्योदय से लेकर रात नौ बजकर 9 मिनट तक रहेगी। भगवान गणेश का आगमन सूर्योदय काल में ही हो जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा व पूजन दोपहर में करना अच्छा रहेगा, क्याेंकि पुराणाें के अनुसार गणेशजी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि में मध्याह्न काल में हुआ था। आचार्य रमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि गणेश पूजन से मन वांछित फल मिलता है। विघभन बाधाएं समाप्त होती हैं।
आज न देखें चांद
आचार्य मुकेश मिश्रा ने कहा कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा न देखें। ऐसा करने से मिथ्या दोष लगता है। कथा के अनुसार चंद्रमा को गणेश जी ने श्राप दिया था। इसलिए शाम को अर्घ्य भी आंखें नीचे करके दें।
ऐसे करें पूजा
चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर इस पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। ऊं गणपतये नम: बोलकर कर गणेश प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें। सुपारी में कलावा लपेटकर गणेश जी के पास रखें व नारियल जल युक्त कलश भी स्थापित करें। गंगाजल, पंचामृत से गणेश जी को स्नान कराएं और वस्त्र जनेऊ पहनाकर चंदन, रोली सिंदूर से तिलक कर अक्षत, पुष्प, माला चढ़ाएं। धूप, दीप, नैवेद्य, फल, दक्षिणा अर्पण कर आरती करें। 21 पीले कनेर, मोदक, बेसन के लड्डू गणेश जी को प्रिय हैं। ऊपर दिये मंत्र का 108 बार जप करें।
स्थापना शुभ मुहूर्त
सुबह: 6 से 7:30 बजे तक
दोपहर: 11:10 से शाम को 6 बजे तक
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गणेश उत्सव में आयेंगे राज्यपाल
मराठा बुलियन एसोसिएशन की ओर से आलमगिरीगंज में सात दिन तक होगा आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। महाराष्ट्र की गणेश पूजा अगर नहीं देख सकते तो निराश न हों। बरेली में ही इसका पूरा इंतजाम है। आलमगिरीगंज की मराठा बुलियन एसोसिएशन मराठी अंदाज में गणेश उत्सव मनाएगी। सात दिवसीय कार्र्यक्रम में राज्यपाल रामनईक मराठी भाषा में महाआरती करेंगे।
रविवार को प्रेसवार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पाटिल ने बताया कि महाराष्ट्र के सांगली गांव से आठ फिट ऊंची लाल बाग के राजा के रूप में गणेश की प्रतिमा मंगवाई गई है। 51 अतिरिक्त प्रतिमाएं घराें में विराजने के लिए आई हैं। यह शुद्ध मिट्टी से बनी है। दही हांडी और झाझ पथक का भी मनोरम दृश्य महाराष्ट्र की छटा बिखेरेगा। सोमवार को शिवाजी मार्ग स्थित बाबू राम धर्मशाला में शाम छह बजे पंडित विजय शर्मा विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। 21 मोदक का भोग लगेगा। छह सितंबर से रोजाना सुबह साढ़े 9 और शाम सात बजे आरती होेगी। नौ सितंबर को राज्यपाल रामनईक मराठी भाषा में महाआरती करेंगे। 11 सितंबर को बप्पा का विसर्जन शोभायात्रा के साथ विसर्जन होगा। प्रेसवार्ता में अविनाश मराठा, गणेश सावंत, तानाजी राव, अप्पासो, विजय पाटिल, अशोक सक्सेना, मंजीत सिंह, मुकेश भल्ला उपस्थित रहे।