बरेली। सर्दी के साथ ही धुंध और कोहरे की शुरुआत हो चुकी है। कोहरे में तेज रफ्तार से सफर करना जानलेवा साबित होता है। बीते साल के आकड़े बताते हैं कि सर्दी, सहालग और कोहरे के दिनों में हादसे अधिक होते हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ब्लैक स्पॉट और सड़क के दूसरे हिस्सों में हादसों का खतरा बरकरार है। इसलिए आप खुद संभल कर चलिए। यह स्थिति तब है जब हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हो रही है। इसमें कार्यदायी संस्थाओं को हादसों के कारण दूर करने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर जिला मार्गों तक कुल 65 ब्लैक स्पॉट वर्ष 2018 से 2023 तक चिह्नित किए गए। ब्लैक स्पॉट पर जितने हादसे हुए हैं, पुलिस रिकाॅर्ड में इसकी वजह तेज रफ्तार ही दर्ज की गई है। कोहरे के दौरान दृश्यता बहुत कम होती है और अगर वाहन की रफ्तार धीमी नहीं हुई तो हादसे का खतरा बढ़ता है। आकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2023 में 132 हादसों में 65 लोगों की जान गई और 98 लोग घायल हुए है। जनवरी-2024 में कोहरे भरे मौसम के दौरान 44 हादसों में 22 लोगों की जान गई और 42 लोग घायल हुए। सितंबर 2023 में 91 हादसों में 34 लोगों की जान गईं और 38 लोग घायल हुए। अक्तूबर 2023 में 114 हादसों में 41 लोगों की जान गई और 118 लोग घायल हुए। अक्तूबर 2024 में 110 हादसों में 43 लोगों की जान गई और 77 लोग घायल हुए। अक्तूबर 2024 में 118 हादसे हुए 66 लोगों की जान गई और 99 लोग घायल हुए।
तेज रफ्तार में 8512 वाहनों के हुए चालान
तेज रफ्तार पर हादसों की सबसे बड़ी वजह है। इस साल अभी तक 8512 वाहनों के चालान तेज रफ्तार में हुए हैं। कोहरे को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर रेडियम युक्त स्टिकर व रिफलेक्टर लगाए जा रहे हैं और 1456 वाहन चालकों प्रशिक्षण दिया गया। सभी विभिन्न आयोजनों के माध्यम से यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। - अकमल खां, एसपी ट्रैफिक
अमर उजाला ब्यूरो