समाजवादी पार्टी ने नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में वार्ड प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल न देने की रणनीति बनाई है। सपा सिर्फ चेेयरमैन पद पर ही अपने उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल देगी। सपा वार्ड मेंबर के पद पर प्रत्याशियों को समर्थन देगी। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी जिला संगठन को सौंपी है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही लेगा। नगर निगम के सभी पदों पर पार्टी अपने सिंबल पर ही चुनाव लड़ेगी।
इस दफा निकाय चुनाव में सभी दलों ने पार्टी के चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है, लेकिन समाजवादी पार्टी नगर निगमों में तो मेयर और पार्षदों को पार्टी के चुनाव चिह्न पर उतारेगी, बाकी निकायों में सिर्फ अध्यक्ष पदों के प्रत्याशियों को भी ही पार्टी सिंबल दिया जाएगा। वार्ड मेंबर के पदों पर प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल नहीं बल्कि समर्थन देगी। बरेली के 19 निकायों मेें अध्यक्ष पद के लिए करीब 150 लोगों ने आवेदन किए हैं, जबकि वार्डों के लिए सैकड़ों की तादाद में आवेदन आए हैं। हर वार्ड से कम से कम तीन लोगों ने आवेदन किया है। पुराने अध्यक्षों में नवाबगंज की निर्वतमान चेयरपर्सन शहला ताहिर को छोड़कर बाकी सभी टिकट की लाइन में हैं। आंवला के निर्वतमान अध्यक्ष आबिद हुसैन, शाही से साजिद रजा ने, फतेहगंज पश्चिमी से कुतुब अली, फरीदपुर (बहेड़ी) से मोहम्मद कामिल, धौराटांडा से अब्दुल अजीज, रिछा से अब्दुल वहीद, सेंथल से कमर एजाज सानू ने टिकट के लिए फिर से आवेदन किया है। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने बताया कि नगर पालिका और नगर पंचायतों में वार्ड सदस्य पद के लिए सपा का चुनाव चिह्न दिया जाना मुश्किल है। जिला प्रभारी बनकर आए सपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जिले के वरिष्ठ नेताओें के साथ बैठक कर इस पर चर्चा करेंगे। बहुत जरूरी हुआ तभी पार्टी टिकट पर लड़ाया जाएगा।