भारतीय जनता पार्टी ने 17 साल बाद अपनी छीनी गई मेयर की सीट पर फिर कब्जा करके दिखाया है। दो मंत्रियों, सांसद और विधायकों के बीच अकेली मेयर की कुर्सी पर ही सपा का कब्जा था, तमाम विरोधाभासों के बीच इस पर भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम ने जीत हासिल करके सबको चौंकाया और सपा को स्तब्ध कर दिया। 16 राउंड की मतगणना के बाद यकायक हाथ से फिसली जीत ने निवर्तमान मेयर डॉ. आईएस तोमर और सपा को हिला डाला। डॉ. तोमर ने यकायक बढ़े जीत के अंतर पर अफसरों के सामने विरोध जताया तो नोकझोंक हो गई। इस पर सपाइयों ने काफी देर हंगामा किया। डॉ. तोमर को हावी होता देख उमेश गौतम भी भिड़ गए और कई घंटे तक मतगणना स्थल पर दोनों पक्ष अफसरों के सामने नोकझोंक करते रहे। आखिरकार प्रशासन ने उमेश गौतम को 12784 मतों से विजयी घोषित कर किसी भी तरह के सहयोग से डॉ. तोमर को इन्कार कर दिया। उसके बाद डॉ. तोमर बाहर आकर सपाइयों के साथ विरोध जताते रहे और दूसरी ओर उमेश गौतम के खेमे में ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मननी शुरू हो गईं।
नगर निगम के चुनाव में सपा इस बार करीब-करीब ‘सफा’ हो गई है। सपा से मेयर सीट तो छिनी ही, नगर निगम में पार्षदों की संख्या भी एक चौथाई से कुछ ही ज्यादा पर जाकर ठहर गई है। दरअसल, सपा के दिग्गज शुरू से ही इस चुनाव में अपनी स्थिति काफी मजबूत होने के भ्रम में थे। दो बार के मेयर रहे डॉ. आईएस तोमर के सामने नगर निगम की राजनीति में अनुभवहीन भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम को वे काफी हल्का आंकते रहे। भाजपा की ओर से मेयर पद के टिकट के 37 दावेदारों के सामने आने और टिकट तय करने में काफी देरी होने के बाद जब ऐन वक्त पर उमेश गौतम को प्रत्याशी घोषित किया गया और इस पर पार्टी संगठन के साथ टिकट के दूसरे दावेदारों में बगावत के सुर उभरे तो सपाई दिग्गजों को हौसला और बढ़ गया। वे इसी मुगालते में रहे कि उनकी जीत का रास्ता आसान होता जा रहा है। रही-सही कसर मुस्लिम इलाकों में उमड़ी भीड़ ने पूरी कर दी। इसके बाद सपाई पूरी तरह मुतमईन हो गए कि जीत उन्हीं के कदम चूमने जा रही है, लेकिन शुक्रवार को मतगणना शुरू होते ही उन्हें जब झटके पर झटके लगने शुरू हुए तो वे आखिर तक राहत की सांस नहीं ले पाए।
बृहस्पतिवार तक वे पूरी तरह निश्चिंत नजर आ रहे सपा के दिग्गज शुक्रवार को भी मतगणना स्थल पर काफी आत्मविश्वास से भरे दिख रहे थे। लेकिन जब भाजपा के उमेश गौतम ने पहले ही राउंड से बढ़त लेनी शुरू की तो उनके चेहरों का रंग बदलने लगा। हिंदू बहुल इलाकों के बाद जब मुस्लिम इलाकों में भी उमेश गौतम की बढ़त पर कोई असर नहीं पड़ा तो सपा नेताओं का सब्र जवाब दे गया। जिस वक्त 18वें राउंड की गिनती चल रही थी तो सपा प्रत्याशी डॉ. तोमर, जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और उनके समर्थकों ने 16 वें राउंड की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. तोमर का कहना था कि जब 16 वें राउंड में उनके वोटों की संख्या 94498 थी तो 18 वें राउंड में घटकर 91 हजार कैसे रह गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में गड़बड़ी कराई है। सपाइयों की सीडीओ सत्येंद्र कुमार से काफी देर नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस प्रत्याशी अजय शुक्ला समेत कई अन्य प्रत्याशी मतगणना बीच में ही छोड़कर चले गए।
मतगणना कक्ष में भिड़े उमेश और डॉ. तोमर
मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे डॉ. तोमर पर्यवेक्षक को बुलाने की मांग करते हुए आरओ कक्ष के बाहर पड़ी बेंच पर ही बैठ गए। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी के आने तक वह नहीं उठेंगे। इस भाजपाई भी इकट्ठे हो गए। महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया ने फोन करके उमेश गौतम को भी बुला लिया। आखिरकार उमेश गौतम और डॉ. तोमर में भी भिड़ंत हो गई। दोनों के बीच काफी देर गरमागरमी के बाद डीएम बरेली कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने सपाइयों के आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया। गड़बड़ी की खबर पर पूर्व सपा विधायक अताउर्रहमान, महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद समेत कई सपाई भी मतगणना कक्ष में पहुंच गए। मगर प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी। सपाइयों के जाने के बाद सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने उमेश गौतम को जीत का प्रमाण पत्र दिया। हंगामे के चलते उन्हें सर्टिफिकेट के लिए करीब घंटा भर इंतजार करना पड़ा।
आरओ कक्ष में लगे जय श्रीराम नारे, निकला जुलूस
भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम के हाथ में जीत का सर्टिफिकेट आते ही कार्यकर्ता जोश में आ गए और रिटर्निंग अफसर के कक्ष में ही जय श्रीराम के नारे गूंजने शुरू हो गए। इस दौरान आरओ/सीडीओ सत्येंद्र कुमार और दूसरे अधिकारियों ने भाजपाइयों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। जय श्रीराम के नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने उमेश गौतम को कंधों पर उठा लिया। जुलूस की शक्ल में उन्हें उठाए हुए भाजपा कार्यकर्ता पहले बरेली कॉलेज गेट पर पहुंचे, जहां कुछ देर रुकने के बाद जुलूस उनके हेड पोस्ट ऑफिस के पास स्थित निवास की ओर चल पड़ा। चुनाव जीतकर अपने घर पहुंचे उमेश गौतम की उनकी पत्नी ने आरती उतारी, इसके बाद उन्होंने अपने पिता केके गौतम के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।