22 भर्तियों का ब्योरा जारी कर लगाए गंभीर आरोप
सपा नेताओं ने वर्ष 2019 से 2026 तक की 22 प्रमुख भर्तियों का विवरण जारी करते हुए दावा किया कि आरक्षण के नियमों के अनुसार पीडीए वर्ग को जितने पद मिलने चाहिए थे, उतने पद नहीं दिए गए। पार्टी के अनुसार 69 हजार शिक्षक भर्ती, वन एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, लेखपाल, कृषि प्राविधिक सहायक, चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य भर्तियों में कुल 4,261 पद पीडीए वर्ग के हिस्से से कम दिए गए।
सपा नेताओं ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो आरक्षण के व्यापक उल्लंघन के तथ्य सामने आएंगे। पार्टी ने मांग की कि सभी विवादित भर्तियों की समीक्षा कर आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलन का दिया संकेत
प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं ने कहा कि यदि सरकार आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जवाब नहीं देती है तो समाजवादी पार्टी प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएगी और पीडीए समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और न्याय मिलने तक संघर्ष करेगी।
आरोप : 22 भर्तियों में आरक्षण नियमों की अनदेखी
दावा : पीडीए वर्ग के 4,261 पदों का नुकसान
अवधि : 2019 से 2026 तक की भर्तियां
प्रमुख भर्तियां : 69 हजार शिक्षक भर्ती, लेखपाल भर्ती, कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी भर्ती आदि
जनप्रतिनिधियों ने क्रमवार उठाये मुद्दे
सांसद नीरज मौर्य, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुलतानी, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, पूर्व मंत्री अताउर रहमान, विधायक शाहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पार्षद नेता राजेश अग्रवाल ने क्रमवार भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए और जवाब मांगा।