जमीन पर कब्जे को लेकर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह की चेतावनी का असर सपा नेताओं पर नहीं दिखाई दे रहा है। फरीदपुर में सपा नेता और नामित सभासद ने सत्ता की धौंस पर मनरेगा से बन रही सड़क पर न सिर्फ अवैध कब्जा कर लिया बल्कि हवन कुंड और त्रिशूल लगाकर धर्मस्थल की शक्ल भी दे दी। सोमवार को रामनवमी पर यहां हवन होने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के होश उड़ गए। एसडीएम फोर्स लेकर पहुंचे तो हवन करने वाले भाग गए। पुलिस ने सपा नेता समेत दो के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और सांप्रदायिकता फैलाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अतिक्रमण भी हटा दिया गया है।
मामला मेघीनगला गांव का है। यहां गाटा संख्या 177 और 178 में चक रोड़ मनरेगा से डलवाई जा रही है। इसकी पैमाइश 22 अगस्त को राजस्व टीम की ओर से की गई और सीमा का चिह्नांकन भी करा दिया गया था। सड़क गाटा संख्या 198 के पास से निकल रही थी। इसके मालिक अमरीश कुमार और नामित सभासद मनमोहन यादव पर आरोप है कि दोनों ने चार पांच दिन पहले एक तिहाई सड़क को अपने खेत में मिला लिया। रविवार को यहां नवमी पर पूजा और यज्ञ हो रहा था। सूचना पर एसडीएम पारस नाथ मौर्या और प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद के साथ पहुंच गए। उन्होंने तत्काल अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए और दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। लेखपाल का कहना है कि पैमाइश के बाद सड़क विकास विभाग की ओर से बनायी जा रही थी। लेखपाल महेंद्र कुमार का कहना है कि अमरीश और मनमोहन यादव नेे लोक संपत्ति पर नुकसान पहुंचाया है। दोनों ने रास्ते में चबूतरा बना कर मार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास किया है। चबूतरे पर हवन कुंड और त्रिशूल लगाकर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया है।
उधर, सपा नेता मनमोहन यादव का कहना है कि गूल पर मनरेगा से काम करवाया जा रहा था। इसकी शिकायत कमिश्नर से की गई तो बीडीओ की ओर से 22 अगस्त को निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम पुष्पा देवरार ने भुगतान पर ही रोक लगा दी। नई परंपरा जैसी बात नहीं है। यहां हर साल नवमी को पूजन किया जाता है।
कोट
रास्ते में धार्मिक स्थल बनाने की सूचना मिली थी। विकास विभाग से सड़क डलवाई जा रही है जिसको काट कर अपने में मिला लिया गया है। धर्मिक स्थल भी बना दिया गया अतिक्रमण को हटा दिया गया है और कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है।
- पारस नाथ मौर्या,एसडीएम,फरीदपुर।