बरेली। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप को एक पुलिस वाले के बेटे को मारते हुए पुलिस लाइन ले जाने की धमकी देना भारी पड़ गया। पुलिसकर्मी की पत्नी की ओर से तहरीर दे दिए जाने के बाद उन्हें करीब एक घंटे कोतवाली में बैठना पड़ा। पुलिसकर्मी का परिवार सपा नेता पर माफी मांगने का दबाव बनाता रहा। सपा नेताओं के काफी समझाने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ।
निवर्तमान सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप और पुलिसकर्मी के बेटे के बीच विवाद सिविल लाइंस स्थित एक आंख के अस्पताल में हुआ। शिवचरन यहां अपनी दादी और पुलिसकर्मी का बेटा अपनी मां को दिखाने आया था। पुलिस के मुताबिक पुलिसकर्मी के बेटे का अस्पताल में पहले किसी और बुजुर्ग शख्स से विवाद हुआ। बुजुर्ग ने उसे ‘तू’ कहकर संबोधित किया और फिर उसके आपत्ति करने पर माफी भी मांग ली लेकिन शिवचरन को पुलिसकर्मी के बेटे का व्यवहार नागवार गुजरा तो वह उससे उलझ गए।
आरोप है कि उन्होंने युवक से उसका पता पूछा और फिर धमकाया कि अस्पताल से पुलिस लाइन तक मारते हुए ले जाऊंगा। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा तो दोनों पक्ष कोतवाली पहुंच गए। पुलिसकर्मी की पत्नी ने तहरीर दे दी। इस बीच सपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और पूर्व पार्षद आरिफ कुरैशी भी कोतवाली पहुंच गए। दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। समझौते की बात आई तो एक-दूसरे से माफी मांगने पर मामला अटक गया। करीब एक घंटे बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
पुलिसकर्मी के परिवार के पीछे-पीछे घूमते रहे सपा नेता
कोतवाली में जब इंस्पेक्टर के कमरे में लंबी बातचीत के बावजूद बात नहीं बनी तो पुलिसकर्मी का परिवार बाहर आ गया। इस पर सपा नेता शमीम खां सुल्तानी और आरिफ कुरैशी भी उसे पीछे पहुंच गए। दोनों नेताओं ने बारी-बारी पुलिसकर्मी के परिवार से बातचीत की। एक वीडियो में आरिफ कुरैशी पुलिसकर्मी के परिवार को मनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं लेकिन वे लोग शिवचरन से माफी मंगवाने की जिद पर अड़े रहे। आरिफ कुरैशी ने उनसे अलग चलकर बात करने को कहा। अंत में परिवार भड़ककर कोतवाली से जाते हुए दिख रहा है।
आपसी बातचीत के बाद विवाद का निपटारा हो गया है। थोड़ी-बहुत गलतफहमी थी जो दूर कर दी गई। पुलिस लाइन तक मारते हुए ले जाने की धमकी के बारे में कुछ नहीं कहना। कार्रवाई नहीं हो रही तो कोई आरोप बचा ही नहीं। - शिवचरन कश्यप, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सपा
दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। दोनों पक्षों के बीच सिर्फ कहासुनी हुई थी। - हिमांशु निगम, इंस्पेक्टर कोतवाली