सपा की मासिक बैठक में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव पार्टी के नेताओं पर बिगड़ गए। बोले- हमारी पार्टी के कुछ नेता जब मुख्यमंत्री या नेताजी से मिलने लखनऊ जाते हैं तो अफसरों की तारीफ करते हैं और हमारी बुराई। उन्होंने ऐसे नेताओं को चेतावनी देते हुए यह याद रखने को कहा कि जब भी अतिक्रमण हटता है तो पक्का कब्जा तो जहां के तहां रहता है। पहले ठेले-खोमचे ही हटाए जाते हैं।
नगर निगम के पार्षद गौरव सक्सेना ने पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री के सामने बरेली में पार्टी की गुटबाजी का मामला उठाया था। शनिवार को मिशन कंपाउंड पार्टी कार्यालय में हुई मासिक बैठक में वीरपाल सिंह ने इसी के बहाने पार्टी नेताओं को चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि यहां सारे नेता अपनी-अपनी ढपली बजाने की वजह से ही अफसर मौज मार रहे हैं लेकिन जनता परेशान है। प्रशासन में जनता की सुनवाई नहीं हो रही। पार्टी के अंदर बड़े छोटे का लिहाज खत्म हो गया है। कुछ नेताओं में इगो बहुत बढ़ गया है।
बैठक में दर्जा राज्यमंत्री डा. आरए उस्मानी ने बूथ कमेटियों के गठन का काम पूरा करने की बात कही। सपा महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव राधा सोमवंशी ने कहा कि पार्टी दफ्तर में महिलाओं का सम्मान नहीं होता। उन्होंने महासचिव प्रमोद विष्ट का नाम लेकर कहा कि वह अपने संबोधन में महिला संगठनों के पदाधिकारियों का नाम नहीं लेते। जिला प्रवक्ता हरिशंकर यादव ने पदाधिकारियों से कुदरत की मार से प्रभावित किसानों की समस्या समाधान के लिए काम करने की अपील की। जफर बेग ने समाजवादी पेंशन का लाभ पात्रों को दिलाने की बात कही। बैठक में प्रो. जाहिद खां, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, अरविंद यादव, पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह गंगवार, अरविंद गंगवार, भारती चौहान, पार्षद राजेश अग्रवाल, शमीम अहमद, शमीम खां सुल्तानी आदि मौजूद थे। विधायक शहजिल इस्लाम, सियाराम सागर और अताउर रहमान मासिक बैठक में नहीं आए।