कोटे के विवाद में एसडीएम मीरगंज के निलंबन को लेकर छिड़ी जंग सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव तक पहुंच गई है। शुक्रवार तक तो इस प्रकरण की जानकारी सपा जिलाध्यक्ष के माध्यम से दी गई थी लेकिन शनिवार की रात पीसीएस एसोसिएशन के प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से पहुंच गई है। ऐसोसिएशन ने तो निलंबन वापस न होने की स्थिति में सोमवार से आंदोलन की चेतावनी दे दी है। ऐसोसिएशन की बैठक में कहा है कि ये आरोप निलंबन के लायक नहीं थे। संकेत मिले हैं कि इस मुद्दे पर सोमवार तक मुलायम के हस्तक्षेप के बाद फैसला लिया जा सकता है।
धंतिया गांव में अरविंद यादव के नाम से राशन की दुकान एसडीएम अर्चना द्विवेदी की तैनाती से पहले ही निरस्त कर दी गई थी। उन्होंने तो धंतिया में कोटेदार की तैनाती के लिए प्रक्रिया शुरू कराई थी। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह इस प्रकरण में शुरू से अरविंद यादव के कोटे के खिलाफ थे, जबकि शीशगढ़ के चेयरमैन अरविंद के नाम से राशन की दुकान बहाली के लिए पूरी ताकत लगाए हुए थे। डीएम इस पर तटस्थ बने रहे।
सपा के मंडलीय सम्मेलन में सपा के गुटों में बढ़ी दरार का फायदा उटा कर हाजी गुड्डू ने सांसद धर्मेंद्र यादव के जरिए सीएम तक पहुंच कर उपायुक्त खाद्य के यहां से दुकान आवंटन प्रक्रिया को स्थगित करा दिया। कोटा फिर अरविंद यादव को मिल गया और सपाइयों की लड़ाई में एसडीएम का निलंबन हो गया।
एसडीएम ने कमिश्नर को भेजा स्पष्टीकरण
दूसरी ओर निलंबन आदेश प्राप्त करने के बाद एसडीएम मीरगंज ने कमिश्नर को अपना प्रत्यावेदन दिया है। जिसमें निलंबन को नियम विरुद्ध बताया है। राशन की जिन पांच दुकानों को लेकर आरोप लगाए थे, उनको लेकर दो पेज में विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। हालांकि उनको अभी तक आरोप पत्र नहीं मिला है। सिर्फ निलंबन आदेश पर ही जवाब दिया है।