बरेली। कलक्ट्रेट में नामांकन के दौरान सोमवार को जज से तकरार के बाद मंगलवार को सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के रवैये में बदलाव दिखा। बिना वजह हर किसी को हड़काने से उन्होंने परहेज किया। एसपी क्राइम ड्यूटी पर नजर नहीं आए।
नामांकन के लिए कलक्ट्रेट में 250 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बैरियर व सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह को दी गई है। चर्चा है कि एसपी क्राइम हर आने-जाने वाले से सख्ती कर सवाल-जवाब कर रहे थे तो उनकी देखादेखी पुलिसकर्मी भी सख्ती बरतने लगे थे। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह समेत कई वीआईपी भी इस सख्ती के चलते बैरिकेडिंग के नीचे से निकलने के लिए मजबूर हुए। अफसरों से उनकी तकरार भी हुई। पुलिस के इसी रवैये का नतीजा रहा जो नामांकन के पहले दिन वकीलों से और सोमवार सुबह जज से विवाद हो गया। सोमवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन आकाश गुप्ता की कार को पुलिसकर्मियों ने रोक दिया था।
जज की शिकायत पर एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने एक इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की संस्तुति चुनाव आयोग से कर दी थी। अभी निलंबन का आदेश जारी नहीं किया गया है। सोमवार को हुई कार्रवाई का असर मंगलवार को दिखाई पड़ा। बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मंगलवार को वकीलों, पत्रकारों व न्यायिक अधिकारियों समेत जरूरी काम से कलक्ट्रेट जाने वालों पर सख्ती नहीं की। अब तक इस क्षेत्र की सभी दुकानें बंद कराकर कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया गया था पर मंगलवार को अधिकतर दुकानें खुली रहीं। पुलिस ने किसी से अभद्रता भी नहीं की।