सिरौली। फसलों की बोआई के समय डीएपी खाद का संकट समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इससे आलू, मटर, गन्ना, गेहूं, मटर आदि की सारी फसलें पिछड़ चुकी है। इसके चलते अन्नदाताओं के चेहरों पर छाई मायूसी साफ नजर आ रही है।
किसानों ने बताया कि हर साल सिरौली कस्बे के सरकारी इफको सेवा केंद्र, साधन सहकारी समिति दो जगह खाद का वितरण होता था। इस साल एकमात्र साधन सहकारी समिति पर खाद आ रही है। वो भी डीएपी नहीं बल्कि एनपीके मिल रही है, जबकि सरकारी इफको केंद्र पर गत छह माह से लगातार खाद आई नहीं है। एकमात्र समिति पर आती है, वो भी लगातार नहीं। अब पिछले चार दिनों से समिति पर खाद नहीं है। अब दूरदराज से आ रहे किसानों को परेशानी हो रही है। मोहल्ला साहूकारा के गन्ना किसान राजेंद्र फौजी, सोहन लाल, ठाकुरदास , रामेश्वर वर्मा आदि ने विलंब हो रही बोआई पर चिंता जताई है।
आज शाम तक खाद आने की उम्मीद
समिति चेयरमैन पुनीत गुप्ता का कहना है कि मंगलवार शाम तक खाद आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि लगातार गाड़ी आती रहे, तब खाद कोई कमी नहीं होगी।
जिले में उपलब्ध हैं 51,460 मीट्रिक टन खाद
बरेली। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी का कहना है कि रबी फसलों की बोआई का सीजन चल रहा है। खाद का कोई अभाव नहीं है। मौजूदा समय में जिले में 51,460 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि नवंबर महीने में 10 दिनों के बीच 53.91 मीट्रिक टन खाद किसानों के बीच बंट भी गई है। कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले की सभी 142 साधन सहकारी समितियों व इफ्को की छह केंद्रों पर खाद भेजी गई है। इसमें 30,520 मीट्रिक टन यूरिया, 7,213 मीट्रिक टन डीएपी, 9,500 मीट्रिक टन एनपीके, 968 मीट्रिक टन एमओपी और 3,259 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट शामिल है। संवाद