बरेली के शाही इलाके में रहने वाली शांति देवी की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। महिला की हत्या उसके बेटे ने ही की थी। बेटे के अवैध संबंधों का महिला विरोध कर रही थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
बरेली के शाही इलाके की निवासी शांति देवी के बेटे तोताराम ने ही उनकी हत्या कर शव पनबड़िया के खेतों में फेंक दिया था। परिवार की महिला से आरोपी के अवैध संबंध थे। शांति देवी इसमें अड़चन बन रही थीं। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
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10 अगस्त को शाही के गांव मुबारकपुर निवासी शांति देवी (62) का शव फतेहगंज पश्चिमी के गांव पनबड़िया के जंगल में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई थी। शुरुआत में इसे शाही इलाके में हो रही महिलाओं की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा था।
इंस्पेक्टर ललित मोहन के मुताबिक, तोताराम के उसके परिवार की ही महिला से अवैध संबंध थे। घर में हो रही हरकतों को शांति देवी भांप रही थीं। उन्होंने अपनी आंखों से ये सब देखा तो तोताराम को साफतौर पर चेताया था।
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तोताराम ने खुद को फंसते और मां को संबंधों में बाधक बनते देखा तो उसे रास्ते से हटा दिया। कई साक्ष्य मिलने के बाद तोताराम ने आरोप कबूल कर लिया। उसे रविवार शाम जेल भेज दिया गया।
शांति देवी के बेटे तोताराम ने ही उनकी हत्या की थी। परिवार की महिला से उसके अवैध संबंध थे। एक चाचा को भी वह फंसाना चाहता था। उसने आरोप कबूल कर लिया। उसे जेल भेजा गया है। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी
चाचा को फंसाने का इंतजाम कर रहा था तोताराम
मां को रास्ते से हटाने के लिए तोताराम ने काफी दिमाग लगाया। उसने जमीन की खातिर चाचा को फंसाने की भी साजिश रची थी। शांति देवी उन दिनों अपनी ननिहाल गई थीं। इस बीच आठ दिन तक परिवार के किसी सदस्य ने उनसे बात नहीं की।
पुलिस को शुरू से ही परिवार पर संदेह था। वहीं, शव मिलने के बाद बेटे ने उसे पहचानने से इनकार किया था। उसने खुद वादी बनने या खुलासे के लिए पुलिस से एक बार भी नहीं कहा। तब पुलिस ने आसपास के लोगों को भरोसे में लेकर जानकारी जुटाई। तोताराम को पकड़कर सख्ती की तो वह तोते की तरह राज उगलने लगा।
तोताराम ने बताया कि उसके एक चाचा की शादी नहीं हुई थी। उन्होंने अपने हिस्से की कुछ जमीन चचेरे भाई के नाम कर दी थी। बची जमीन भी वह उसी को देना चाहते थे। उसने योजना बनाई कि मां की हत्या में अगर घरवालों पर शक हुआ तो वह चाचा को फंसाकर उनकी जमीन अपने नाम करा लेगा।
इस तरह की मां की हत्या
पहले बताया जा रहा था कि तोताराम का भाई मां शांति देवी को बाइक से लालकुआं चौराहे पर छोड़ गया था। बाद में पता लगा कि भाई से यह बात तोताराम ने ही कहलवाई थी। शांति देवी खुद ही ई-रिक्शा से फतेहगंज पश्चिमी पहुंच गईं तो पीछे से बाइक लेकर लालाराम पहुंच गया।
उसने मां को बाइक पर बैठाकर रहपुरा जागीर (शांति देवी की ननिहाल) ले जाने लगा। फिर रहपुरा की बजाय पनबड़िया की ओर बाइक मोड़ दी। सुनसान जगह पर शांति देवी की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।