बरेली। शराब के लिए पैसे न मिलने पर सूरज इस कदर आपे से बाहर हो गया कि मेहनत-मजदूरी करके घर चलाने वाली बुजुर्ग मां और पत्नी पर ही हमलावर हो गया। चाकू के ताबड़तोड़ वार से मां मंजू के गिरने के बाद वह दोबारा अपनी पत्नी अनीता पर हमलावर हुआ लेकिन इसी बीच इकट्ठे हुए परिवार के लोगों ने उसके हाथ से छुरी छीन ली। इसके बाद वह भाग निकला।
परिवार के मुताबिक सूरज खुद कोई काम-धंधा नहीं करता था। पत्नी, मां और बेटों की मेहनत-मजदूरी की कमाई से ही घर चलता था। उस पर भी वह लगभग रोज उनसे शराब पीने के लिए पैसे भी झटक लेता था। बेटे उमंग के मुताबिक उसका पिता शाम को जब घर पहुंचा तो परिवार के बाकी सभी मर्द मजदूरी करने गए हुए थे। शराब के लिए पैसे न देने पर जब विवाद हुआ तो सूरज ने छुरी लाकर उनकी मां पर हमला कर दिया। उनकी दादी अपनी बहुओं को बेटियों की तरह मानती थीं। उन्होंने उन्हें बचाने की कोशिश की तो सूरज ने उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
सूरज की भतीजी निशा ने बताया कि बुजुर्ग और कमजोर दादी जब चाकू के वार से घायल होकर गिर गईं तो सूरज दोबारा अनीता पर हमलावर हो गया। उन्होंने हिम्मत कर उसके हाथ से छुरी छीन ली तो वह भाग निकला। इसके बाद परिवार के लोग बुरी तरह घायल मंजू देवी को लेकर अस्पताल दौड़े लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सूरज के बेटे उमंग के मुताबिक वह आए दिन शराब के नशे में घरवालों से मारपीट करता था। दादी के पास रहने वाले थोड़ेबहुत पैसे भी जबरन छीन लेता था। इन्कार करने पर मारपीट भी करता था।
तमाशाई बने रहे पड़ोसी, नहीं जुटा पाए बचाने की हिम्मत
घटना के दौरान आसपड़ोस के लोगों की भीड़ भी इकट्ठी हो गई लेकिन सूरज को छुरी से बुजुर्ग मंजू देवी पर वहशियाना ढंग से वार करते देख कोई उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। उमंग ने बताया कि उनके पिता से छोटे तीन भाई और हैं। एक बुआ नीलम भी है। चाचा विक्की चंदननगर में ही किराए पर अलग रहते हैं। मां के साथ मारपीट की जानकारी उन्हें उनके चाचा नरेश की पत्नी कविता ने ही फोन दी थी। इसके बाद वह घर पहुंचे तो पिता सूरज दादी को चाकू मारकर भाग चुके थे। वह दादी को लेकर अस्पताल दौड़े। जब डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया तो उन्हें वापस घर लाकर करीब छह बजे पुलिस को सूचना दी।