विभाग में विरोधियों को सबक सिखाने के लिए टैपिंग का इस्तेमाल
बरेली। जोन के कुछ जिलों में पुलिस विभाग की आंतरिक कलह सतह पर आने लगी है। हाल ही में बिजनौर पुलिस की गुटबाजी ने विभाग की अच्छी भली किरकिरी कराई थी। अब एक डिप्टी एसपी ने अपने कप्तान पर अपना फोन टैप कराने के आरोप लगाकर खलबली मचा दी है। बात स्थानीय पुलिस अधिकारियों से होते हुए लखनऊ में डीजीपी तक पहुंची है। विभाग की बदनामी न हो लिहाजा मामले को शांत करने के लिए फिलहाल शिकायत करने वाले डिप्टी एसपी को ही जिले से हटा दिया गया है। लेकिन अफसरों पर लगे फोन टैपिंग के आरोपों ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा रखा है।
फोन टैपिंग की शिकायत करने वाले डिप्टी एसपी का कहना है कि उन्होंने अपने आला अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी थी। कप्तान ने उनका प्राइवेट नंबर टैपिंग पर लगाया। इसके बाद उनके और इंस्पेक्टरों के बीच हुई बातचीत को संबंधित इंस्पेक्टरों को सुनाया भी। डिप्टी एसपी का कहना है कि उन्होंने अपनी बात उच्चाधिकारियों के सामने रख दी थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही उनका तबादला हो गया। संबंधित इंस्पेक्टर भी हटा दिए गए। इसी तरह की शिकायतें एक दूसरे जिले से भी उठी हैं। जहां अपने विरोधियों को सबक सिखाने के लिए एक पुलिस अधिकारी ने फोन टैपिंग का सहारा लिया। अपराधियों को पकड़ने के लिए दिए गए फोन टैपिंग के हथियार को अधिकारियों द्वारा अपने विरोधियों पर इस्तेमाल करने के वाकये बढ़ते ही जा रहे हैं। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि मातहतों के फोन टैपिंग की बात विभाग में नई नहीं है लेकिन पहली बार है जब किसी डिप्टी एसपी ने इसकी शिकायत की है। हालांकि अधिकारी इस मामले को अब दबाने में जुट गए हैं।