बरेली।उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पहले दिन सोमवार को सटीक सूचना पर एसटीएफ ने सॉल्वर गिरोह को दबोच लिया। इसमें मुरादाबाद निवासी सरगना के साथ ही अभ्यर्थी और बिहार के सॉल्वर समेत सात लोग शामिल हैं। दावा है कि परीक्षा देने से पहले ही गिरोह को दबोच लिया गया। आरोपियों के पास से कार और कई फर्जी प्रमाणपत्र मिले हैं।
आयोग की ओर से ग्राम विकास अधिकारी, समाज कल्याण पर्यवेक्षक आदि पदों के लिए कराई जा रही परीक्षा में सेंधमारी के लिए सॉल्वर गिरोह सक्रिय हो गया था। 15 दिन से बरेली एसटीएफ के प्रभारी डीएसपी अब्दुल कादिर और इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह सर्विलांस के जरिये उनकी टोह ले रहे थे।
सोमवार दोपहर की पाली से पहले एसटीएफ ने रिठौरा कस्बे में एक परीक्षा केंद्र के बाहर निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर में नीले रंग की कार आती दिखी। टीम ने कार को रोका तो उसमें बैठे लोग उतरकर भागने लगे। टीम ने यहां सातों आरोपियों को दबोच लिया।
हाफिजगंज थाने में टीम ने इनसे पूछताछ की। पता लगा कि मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के सुंदर नगर का रहने वाला नाजिम हुसैन गिरोह का सरगना है। साथ ही नाजिम का भाई मोनिस, नाजिम का सहयोगी उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले के पैगा फार्म काशीपुर निवासी कुलदीप भी पकड़े गए। अभ्यर्थी के तौर पर मुरादाबाद के शक्ति खेड़ा थाना भगतपुर निवासी मुकेश कुमार फौजी और मुरादाबाद के ही थाना सिविल लाइंस के विशनपुर निवासी जाबिर अली को हिरासत में लिया गया।
सॉल्वर के तौर पर बिहार के गया जिले के थाना नीमचक बथानी के गांव सरेन निवासी संजीव कुमार, बिहार के ही नालंदा जिले के थाना बिंद अंतर्गत गांव असामा निवासी नीरज कुमार की पहचान हुई। डीएसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हाफिजगंज थाने में ही रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। इनके पास से फर्जी प्रवेशपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड ,सिम कार्ड, सात मोबाइल फोन व 34,460 रुपये बरामद हुए। कार को भी सीज कर दिया गया।