बरेली। 24 करोड़ रुपये से बने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी न मिलने के चलते अटका हुआ है। इस वजह से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का सही तरह से निस्तारण नहीं हो पा रहा। शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्लांट का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे, मगर जिम्मेदारों ने तेजी नहीं दिखाई।
शहर से रोजाना 450 से 500 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसके वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए नगर निगम ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर सथरापुर में इस आधुनिक प्लांट का निर्माण कराया है। प्लांट के संचालन की अनुमति के लिए नगर निगम की ओर से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के पास फाइल भेजी गई।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमाार को भी फाइल भेजी है, ताकि अनुमति जल्द मिल सके। अब तक एनओसी का इंतजार ही किया जा रहा है। इस वजह से प्लांट का संचालन भी नहीं हो पा रहा।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि बताया कि यह परियोजना मुख्यमंत्री के स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शहरी विकास के विजन का एक अहम हिस्सा है। इस प्लांट के शुरू होने से बरेली की सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल्द एनओसी मिलने की उम्मीद है।