प्लांट परिसर में पौधरोपण, कंपोस्ट यार्ड के चारो ओर ड्रैनेज सिस्टम और स्ट्रोम वाटर ड्रैनेज प्रणाली विकसित करने के बाद लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड के डायरेक्टर को भी पत्र लिखकर प्लांट संचालन के लिए एनओसी मांगी गई है।
नगर निगम प्रशासन की कोशिश है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समस्त बिंदुओं को पूरा कर लिया जाए ताकि उसे एनओसी न देने का कोई बहाना न मिले। इसके लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड (उत्तरी क्षेत्र) के डायरेक्टर से प्लांट के आस-पास के पानी का परीक्षण कर अनापत्ति प्रमाण पत्र देने का अनुरोध किया है। इसके अलावा प्लांट में कूड़ा निस्तारण से निकलने वाले लीचेड ट्रीटमेंट के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। प्लांट के कंपोस्ट यार्ड के चारो ओर ड्रेनेज सिस्टम और स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने के अलावा ग्रीन बेल्ट भी बनाई जा चुकी है।
गौरतलब है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 11 नवंबर 2014 को औचक निरीक्षण का हवाला देकर एनओसी देने से इनकार कर दिया था। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर प्लांट के निरीक्षण की झूठी रिपोर्ट भेजने के अलावा कपटपूर्ण और एकतरफा काम करने के आरोप लगा चुके हैं। पीसीबी को भेजे पत्र में नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि पीसीबी शहर हित में लगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चलाने में जान बूझकर अड़ंगा डाल रहा है।
हमारी टीम ने 11 नवंबर को प्लांट का निरीक्षण किया था। सिक्योरिटी वाले नहीं पुष्टि कर रहे तो हम क्या करें। हमें किसी से पूछकर प्लांट के अंदर जाने की जरूरत नहीं। सारे मानक पूरे कर लें तो हमें प्लांट चलाने पर कोई आपत्ति नहीं। -आरके त्यागी, क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी