लॉकडाउन में अधिकारियों के सख्ती करने के आदेशों को पुलिस उठा रही फायदा
बरेली। लॉकडाउन के चलते शासन ने लोगों के घरों के बाहर निकलने पर रोक लगा दी। इस दौरान लापरवाही करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई भी कर रही है। लेकिन इसी बीच कुछ पुलिसकर्मी इस छूट का फायदा उठाकर लोगों को परेशान भी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को वायरल हुए एक वीडियो में चीता पर तैनात सिपाही करेली गांव के एक पादरी के घर के दरवाजे पर लातें मारता नजर आ रहा है। पादरी ने बताया कि मवेशियों को घर के बाहर बांधने जाते वक्त चीता पुलिस ने उनकी पत्नी को देख लिया था। वह अंदर लौटी तो सिपाही पीछे पीछे आए और यह हरकत की।
सुभाषनगर क्षेत्र के गांव करेली निवासी रतन पॉल गांव में ही बने एक चर्च के पादरी हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते पुलिस ने गांव में बहुत सख्ती कर रखी है। सड़क पर निकले कई लोग पुलिस के गुस्से का शिकार भी हो चुके हैं। उनके मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह उनकी पत्नी मवेशी को छांव में बांधने घर से बाहर निकल रही थीं, लेकिन बाहर ताल के पास घूम रही चीता पुलिस को देखकर अंदर लौट आई। आरोप है कि इसके कुछ ही मिनट बाद एक बाइक पर सवार दो सिपाही उनके घर पहुंचे और गालीगलौज करते हुए दरवाजे पर लातें मारीं। यह सारी घटना उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। वहीं सिपाहियों की इस अभद्रता के मामले में सुभाषनगर इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी से बात की गई तो उन्होंने ऐसा कोई मामला संज्ञान में होने से इंकार कर दिया। साथ ही सीसीटीवी फुटेज को भी एक सिरे से नकार दिया।
‘लॉकडाउन के दौरान लोगों को जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकलने की इजाजत है। दरवाजे पर सिपाही के लातें मारने की मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो ये बिलकुल गलत है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।’ - रमेश कुमार भारतीय, एसपी क्राइम