उझानी में छुट्टी को लेकर गोलीकांड के बाद भी नहीं सुधरा हाल
बरेली। बदायूं जिले की उझानी कोतवाली में छुट्टी को लेकर हुए गोलीकांड के बाद भी पुलिस में सुधार नहीं दिख रहा है। पत्नी की डिलीवरी कराने को मेरठ निवासी सिपाही को छुट्टी नहीं मिल सकी। बुधवार को जब छुट्टी मिली तो उसकी पत्नी की मौत की खबर आ गई। रामपुर में बेहोश हुए सिपाही को साथियों ने घर पहुंचाया है। वहीं, अधिकारी दावा कर रहे हैं कि छुट्टी को लेकर कोई समस्या नहीं थी।
बिशारतगंज थाने में सिपाही उत्तम कुमार मूल रूप से मेरठ के सरधना क्षेत्र के निवासी हैं। उत्तम की पत्नी की डिलीवरी होने वाली थी, जिसके लिए वह एक महीने की छुट्टी मांग रहे थे ताकि पास रहकर देखभाल कर सकें। मगर इंस्पेक्टर बिशारतगंज ने अपने अधिकार से बाहर बताकर इतना अवकाश देने से मना कर दिया। बताया जाता है कि छुट्टी के लिए उत्तम अफसरों के चक्कर काट रहे थे। सीओ आंवला का चार्ज देख रहे सीओ फरीदपुर से भी मिले लेकिन इतनी छुट्टी नहीं मिली। बुधवार को उत्तम ने एसपी देहात डॉ. संसार सिंह से मुलाकात की तो बीस दिन का अवकाश मिलने के बाद वह घर रवाना हो गए। रामपुर में घर से कॉल आई कि बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी पत्नी की मेरठ अस्पताल में मौत हो गई है। यह सुनकार उत्तम बेहोश हो गए। वहां से सूचना आने पर बिशारतगंज थाने के दरोगा अमित कुमार ने गाड़ी से दो सिपाहियों को रामपुर भेजा जो उन्हें मेरठ ले गए। परेशान उत्तम ने बताया कि समय से अवकाश मिल जाता तो शायद उनकी पत्नी की जान बच जाती। इस घटनाक्रम से अन्य सिपाहियों में भी रोष है।
सभी सिपाहियों व स्टाफ को नियमानुसार जरूरत के मुताबिक अवकाश मिल रहा है। सिपाही उत्तम जितना अवकाश मांग रहे थे, उतना देने में थाना प्रभारी सक्षम नहीं थे। एसपी देहात ने उनका बीस दिन का अवकाश स्वीकृत किया है। उत्तम की पत्नी की मृत्यु पर हमें भी अफसोस है लेकिन इसकी वजह अवकाश से जोड़ना सही नहीं है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी