आलमगीरीगंज के चमननाथ मंदिर से मंगलवार देर रात पीतल की मूर्तियां दो स्मैकियों ने चुराई थीं। मंदिर परिसर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में चोर कैद हो गए थे। स्मैकियों ने जिस कबाड़ी को मूर्तियां बेची थीं, उसने उन्हें दूसरे कबाड़ी को बेचकर मुनाफा कमाया था। हालांकि यह कबाड़ी अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। मंदिर में हुई चोरी के जल्द खुलासे को एक विधायक भी पैरवी में लगे थे।
कोतवाली क्षेत्र के आलमगीरीगंज स्थित चमननाथ मंदिर का जाल काटकर चोरों ने देवी-देवताओं की पीतल की मूर्तियां और अन्य सामान चोरी कर लिया था। मंदिर के परिसर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में रात करीब दो बजे दो चोर चैनल काटकर अंदर घुसते फिर बोरों में सामान भरकर निकलते नजर आए थे। फुटेज के आधार पर पुलिस छानबीन में जुटी थी। चोरों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उन्हें शुक्रवार शाम पकड़ लिया।
दोनों ने अपना नाम कांकरटोला निवासी भूरा और अन्ना बताया। दोनों स्मैक के लिए रुपये जुटाने को चोरियां करते हैं। उन्होंने बारादरी क्षेत्र में ईंट पजाया चौराहा के एक कबाड़ी को छह सौ रुपये में मूर्तियां बेचने की बात कही। कबाड़ी को पकड़ा गया तो पता चला कि उसने 11 सौ रुपये में दूसरे कबाड़ी को मूर्तियां बेच दी हैं। दूसरा कबाड़ी अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। मंदिर का साउंड सिस्टम नशेड़ियों ने गंगापुर में बेचा था। वह बरामद हो गया है। पुलिस मूर्तियों की बरामदगी के लिए फरार कबाड़ी की तलाश में जुटी है।