बरेली। साइबर ठगी के शिकार लोगों के चेहरे पर उस समय मुस्कान लौट आई, जब साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ठगे गए लाखों रुपये को फ्रीज करा दिया। साइबर थाना बुलाकर प्रभारी धनंजय पांडेय व टीम ने इन लोगों को प्रमाणपत्र दिए।
सेना के नायब सूबेदार भी हुए थे ठगी का शिकार
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग निवासी प्रदीप कंडारी सेना में नायब सूबेदार हैं। उन्होंने बताया कि वह एक महीने के प्रशिक्षण के लिए बरेली आए थे। एक फरवरी को उनका मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगों ने 5.11 लाख रुपये निकाल लिए। साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एमएचए की ओर से संचालित साइबर पुलिस पोर्टल से समन्वय स्थापित किया तो सामने आया कि ठगी की रकम से लोन समायोजन किया गया है। न्यायालय के आदेशानुसार रकम को वापस कराया गया।
गैस कनेक्शन का लिंक खोलने पर हुई थी ठगी
29 मार्च को किला मालगोदाम रोड निवासी गौरव शर्मा के पास गैस कनेक्शन के नवीनीकरण का लिंक आया था। लिंक खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया और खाते से 11.90 लाख रुपये कट गए। साइबर क्राइम पोर्टल 1930 और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला ठगी की राशि को विभिन्न सीएससी के खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद न्यायालय के आदेशानुसार पूरी रकम को गौरव के खाते में वापस कराया गया।
निवेश के नाम पर की गई ठगी की रकम भी लौटी
महानगर कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि अक्तूबर 2025 में उन्होंने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की थी कि निवेश के नाम पर उनसे 17 लाख रुपये की ठगी की गई है। जांच की गई तो सामने आया रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया है। रकम को साइबर पुलिस ने फ्रीज करवाकर वापस करा दिया।
सावधान रहें, ठगी हो तो मिलाएं 1930
एसपी सिटी मानुष पारीक का कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ खाता, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन व गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, उतनी जल्दी ठगी की रकम को होल्ड कर वापस कराया जा सकेगा।