बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग में आयोजित रोबोटिक्स, आईओटी व एम्बेडेड सिस्टम्स की तीन दिवसीय हैंड्स ऑन नेशनल वर्कशॉप का सोमवार को समापन किया गया। अंतिम दिन छात्र-छात्राओं ने दो घंटे के समय में तीन दिन में सीखे कौशल का प्रदर्शन किया। इसमें विद्यार्थियों को अलग-अलग सेंसर व ऑब्जेक्ट दिए गए, जिसमें उन्हें स्वयं समस्या व उसका हल निकालना था।
इस दौरान बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र अश्मित वर्मा, बिलाल खान, नितिश महौर और सोमिल खन्ना की टीम रोबो सेपियंस प्रथम स्थान पर रही। टीम ने एडैप्टिव मोबाइल मॉनिटरिंग रोवर नामक स्मार्ट रोबोट का प्रोटोटाइप बनाया। जिसमें आईआर सेंसर की सहायता से सीवर में किसी जीव के जीवित होने का पता लगा सकते हैं। इसके साथ ही यह कमरे का तापमान और आर्द्रता मापने में सक्षम है।
टीम लीडर महक फातिमा की टीम द टेक स्क्वार्ड दूसरे स्थान पर रही। इन्होंने प्रोजेक्ट मरीन सेंसिंग कंट्रोल पैनल का प्रोटोटाइप तैयार किया। महक ने बताया कि इस मॉडल का इस्तेमाल बंद मरीन पर किया जा सकता है जहां सीमित संख्या में लोग मौजूद होते हैं, उनका वातावरण गर्म है या ठंडा इसका पता भी ये मॉडल लगा सकता है। इससे नमी, आर्द्रता व गर्मी का पता लगा सकता है।
टीम टेक स्टॉर्म भी दूसरे स्थान पर रही। टीम लीडर गौरव सक्सेना ने बताया कि उन्होंने प्रोजेक्ट एआई स्मार्ट रूम प्रोजेक्ट बनाया। इसे घरों की सुरक्षा दृष्टि से आवश्यक माना गया। इससे बिना कैमरे के किफायती दाम में घर की सुरक्षा की जा सकती है। यदि कोई कमरे में आता है तो फोन पर ही पता लग जाएगा।
हर दिन दिए अलग टास्क
तीन दिन तक चली इस वर्कशॉप में विद्यार्थियों को पहले दिन लाइन फॉलोवर रोबोट बनाना था। दूसरे दिन ईएसपी 32 सी-3 मिनी माइक्रो कंट्रोलर का इस्तेमाल करना व थ्री डी मॉडलिंग सिखाई गई। तीसरे दिन सोमवार को दोनों दिन सीखी की गई तकनीकों का इस्तेमाल कर जन समस्या को तकनीक के माध्यम से सुलझाने को कहा गया।