बरेली। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए 65 परियोजनाओं पर 900 करोड़ रुपये खर्च किए गए। नाम भी खूब हुआ, पर काम कारगर साबित नहीं हुए। तीन बड़ी परियोजनाएं संचालन से पहले ही सफेद हाथी बन गईं। इन पर 185 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने विधान परिषद में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मार्च 2025 तक बरेली पूरी तरह स्मार्ट हो जाएगा। मंत्री के बयान के बाद जब मंगलवार को इसकी पड़ताल की गई तो पता लगा कि कई बड़ी परियोजना का संचालन फंसा है। 13 लाख रुपये की लागत से बने दो शी लाउंज आए दिन बंद रहता है। श्यामगंज में 14 लाख रुपये की लागत से बने ई-कियोस्क पर ताला पड़ा है। जल निगम तो कहीं विद्युत निगम ने खोदाई कर सड़कों की पटरी क्षतिग्रस्त कर दी है। टाइल्स उखड़ी पड़ी हैं। राहगीर जख्मी हो रहे हैं। शहर की तस्वीर बदलने का ख्वाब साकार नहीं हो सका।
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इन परियोजनाओं का अटका संचालन
स्काई वॉक : पटेल चौक पर 11.18 करोड़ रुपये खर्च करके 31 दिसंबर 2023 को निर्माण पूरा हुआ। एक साल में कई बार टेंडर निकाले गए, लेकिन संचालन के लिए कोई फर्म आगे नहीं आई। हाल में निकाले गए टेंडर में तीन फर्मों ने रुचि दिखाई है। इनका प्रेजेंटेशन देखने के बाद अफसर फैसला लेंगे।
अर्बन हाट : गांधी उद्यान के निकट विकास भवन मार्ग पर 170 करोड़ रुपये खर्च करके बना भवन शो-पीस बनकर रह गया है। इसके संचालन के लिए तीन बार टेंडर निकाले जा चुके हैं, पर एक भी ऐसी फर्म आगे नहीं आई, जिसे संचालन का जिम्मा सौंपा जा सके। अब बड़ी फर्मों की तलाश की जा रही है।
काॅमर्शियल काॅम्प्लेक्स : 4.30 करोड़ की लागत से 24 दुकानों वाले काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण 5 जनवरी 2022 को शुरू हुआ। मार्च 2023 में निर्माण पूरा हो गया, लेकिन अभी तक इसे किराये पर देकर संचालित कराने के लिए फर्म नहीं मिल सकी। इमारत खाली खड़ी है।
सड़कों के गड्ढे बयां कर रहे हकीकत
स्मार्ट सिटी का नाम तो बहुत हुआ, लेकिन सड़कों के गड्ढे हकीकत बयां कर रहे हैं। शहर को स्मार्ट बनने में अभी वक्त लगेगा। - ओमप्रकाश रस्तोगी, बीडीए कॉलोनी
श्यामगंज से कालीबाड़ी तक भूमिगत बिजली लाइन डालने के लिए सड़क की पटरी खोदी गई थी। अभी तक इसे ठीक नहीं कराया गया। - सतीश भाटिया, श्यामगंज
अर्बन हाट और काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स के संचालन के लिए बड़ी फर्मों को लुभाने के लिए टेंडर की शर्तों में संशोधन पर विचार चल रहा है। स्काई वाॅक के संचालन का प्रस्ताव जनवरी में फाइनल होने की उम्मीद है। बिजली लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों को ठीक कराएंगे। दो ई-कियोस्क में से एक संचालित है। सेटेलाइट का शी-लाउंज क्यों बार-बार बंद हो रहा है? इसे भी दिखएंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त/सीईओ, स्मार्ट सिटी
अमर उजाला ब्यूरो